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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) जुटायेगा 20,000 करोड़ रुपये

देश के सबसे बड़े ऋणदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने 5,000 करोड़ रुपये के बजाय 20,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनायी है।

टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) ने किया यूरिया और उर्वरक व्यापार का हस्तांतरण

टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) ने अपने यूरिया और उर्वरक व्यापार की बिक्री और हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी कर ली है।

टाटा ग्लोबल (Tata Global) की 41.03% हिस्सेदारी बेचने की योजना

टाटा ग्लोबल (Tata Global) भारत की दूसरी सबसे बड़ी चाय उत्पादक और आपूर्तिकर्ता अमैल्गमेटेड प्लांटेशंस में 41.03% हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल (ICICI Prudential) नहीं कर सकेगी सहारा (Sahara) के बीमा कारोबार का अघिग्रहण

प्रतिभूति अपीलीय ट्रिब्यूनल (एसएटी) ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल (ICICI Prudential) द्वारा सहारा समूह (Sahara Group) के जीवन बीमा कारोबार के अधिग्रहण पर रोक लगा दी है।

20% की उछाल के साथ सूचीबद्ध हुआ झंडेवालाज फूड्स (Jhandewalas Foods) का शेयर

खाद्य उत्पाद कंपनी झंडेवालाज फूड्स (Jhandewalas Foods) का शेयर शुक्रवार को बीएसई में 20% की मजबूती के साथ सीधे ऊपरी सर्किट पर सूचीबद्ध हुआ।

टाटा समूह (Tata Group) ने चुकाया टाटा टेलीसर्विसेज (Tata Teleservices) का ऋण

टाटा समूह (Tata Group) ने बैंकों को टाटा टेलीसर्विसेज (Tata Teleservices) के करीब 17,000 करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान कर दिया है।

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कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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