शेयर मंथन में खोजें

एक्सपर्ट से जानें जस्ट डायल शेयरों का विश्लेषण और स्टॉक का 1 वर्ष का आउटलुक

पिनाकी साहा जानना चाहते हैं कि उन्हें जस्ट डायल के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि जस्ट डायल (Just Dial) भारत की जानी-मानी लोकल सर्च और ऑनलाइन डायरेक्टरी सेवा देने वाली कंपनी है, जिसने बीते कई वर्षों में बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह कंपनी तकनीकी रूप से इंटरनेट और लोकल बिज़नेस कनेक्टिविटी का सेतु मानी जाती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या मौजूदा स्तरों पर जस्ट डायल में निवेश आकर्षक दिखता है या फिर यह सिर्फ “स्टेबल” स्टॉक बनकर रह गया है?  इस कंपनी में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलता  न यह तेजी से ऊपर जाता है, न अचानक गिरता है। लंबे समय से यह एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब निवेशकों ने इस कंपनी से बड़े रिटर्न की उम्मीद की थी। लेकिन धीरे-धीरे जब ग्रोथ धीमी पड़ी और डिजिटल मार्केटिंग का परिदृश्य बदलने लगा, तब यह शेयर आकर्षण खो बैठा। 

जस्ट डायल आज भी एक भरोसेमंद और स्थिर कंपनी है, लेकिन इसमें “ग्रोथ की चमक” फीकी पड़ चुकी है। 750 से 1050 रुपये के रेंज में यह स्टॉक आने वाले एक साल तक घूम सकता है। इसलिए, जो निवेशक स्थिरता चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा होल्डिंग स्टॉक है, लेकिन जो तेजी और ऊँचे रिटर्न की तलाश में हैं, उन्हें अन्य ग्रोथ सेक्टर्स जैसे IT, EV या फिनटेक की ओर देखना चाहिए।


(शेयर मंथन, 10 अक्टूबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख