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स्मॉलकैप और मिडकैप में तेजी या गिरावट, विशेषज्ञ से जानें शेयर बाजार की रणनीति

भारतीय शेयर बाज़ार में निवेशक अक्सर दो बड़े वर्गों में निवेश देखते हैं- मिडकैप और स्मॉलकैप। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि मिडकैप और स्मॉलकैप में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि मिडकैप कंपनियां वे होती हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन बड़ी कंपनियों (लार्जकैप) से कम लेकिन छोटे व्यवसायों से ज्यादा होता है। वहीं स्मॉलकैप कंपनियां अपेक्षाकृत छोटी होती हैं और तेज़ी से बढ़ने की क्षमता रखती हैं। इन दोनों श्रेणियों के शेयर निवेशकों को अधिक रिटर्न का मौका देते हैं लेकिन साथ ही जोखिम भी ज्यादा होता है।  हाल के दिनों में निफ्टी और सेंसेक्स के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मिडकैप इंडेक्स 18,000 के स्तर को पार कर चुका है और विशेषज्ञों का मानना है कि यह 20,000 के ऑल टाइम हाई के करीब जा सकता है। इसके बाद 21,000 और फिर 2,000 अंकों की और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इतनी तेजी के बाद मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और करेक्शन की संभावना भी बनी रहती है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं, बशर्ते निवेश सोच-समझकर और संतुलित पोर्टफोलियो के साथ किया जाए। अभी के हालात में बाजार तेजी की ओर है, लेकिन करेक्शन के जोखिम को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


(शेयर मंथन, 22 सितंबर 2025)

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