भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ 9 से 13 जनवरी के बीच खुलने जा रहा है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड शेयरों की 16 जनवरी को लिस्टिंग प्रस्तावित है।
करीब 171 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में पूरा हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में है, जिससे प्राप्त राशि पैरेंट कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड को जाएगी। इस अवसर पर BCCL के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और डायरेक्टर संजय कुमार सिंह ने कंपनी के कारोबार, भविष्य की योजनाओं और ऊर्जा परिवर्तन पर विस्तार से अपनी बात रखी। BCCL का लक्ष्य है कि क्लीन कोल उत्पादन बढ़ाकर स्टील उद्योग के कोकिंग कोल आयात को कम किया जाए। फिलहाल कंपनी लगभग 1.7-2 मिलियन टन क्लीन कोल सप्लाई करती है, जिसे 2030 तक 9-10 मिलियन टन तक ले जाने की योजना है। इससे देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। IPO से प्राप्त राशि कंपनी के पास नहीं जाएगी, लेकिन प्रबंधन का मानना है कि विस्तार और विविधीकरण की जरूरतें आंतरिक संसाधनों से पूरी की जा सकती हैं। कोल इंडिया के मजबूत वित्तीय आधार और BCCL के स्थिर कैश फ्लो के चलते भविष्य की योजनाओं के लिए फंडिंग को लेकर कोई बड़ी चुनौती नहीं दिखती।
उत्पादन में उतार-चढ़ाव और उसका कारण
2023-24 BCCL के लिए रिकॉर्ड वर्ष रहा, जबकि 2024-25 में उत्पादन, बिक्री और मुनाफे में हल्की गिरावट देखने को मिली। प्रबंधन के अनुसार इसका मुख्य कारण भारी बारिश और उच्च स्टॉक स्तर रहा। इसके बावजूद, कंपनी ने ओवरबर्डन रिमूवल में लगभग 97-98% की उपलब्धि हासिल की, जो भविष्य में उत्पादन बढ़ाने की मजबूत आधारशिला तैयार करता है।