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क्या एचडीएफसी बैंक शेयरों में 900 रुपये का स्तर तय करेगा अगली चाल?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि एचडीएफसी बैंकको लेकर निवेशकों में इस समय थोड़ी उलझन जरूर है। बैंकिंग सेक्टर मजबूत बना हुआ है और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, लेकिन एचडीएफसी बैंक हाल के दिनों में सीमित दायरे में करेक्शन दिखा रहा है। हालांकि इसे कमजोरी नहीं कहा जा सकता। स्टॉक ने पहले 850 रुपये के ऊपर ब्रेकआउट दिया, फिर 1000 रुपये के पार गया और वहां से लगभग 10% का करेक्शन देखा गया, जो एक सामान्य तकनीकी सुधार माना जा सकता है।

तकनीकी दृष्टि से 900 रुपये के आसपास का स्तर काफी अहम माना जा रहा है। यह स्तर न केवल मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है बल्कि 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आसपास भी बैठता है, जो इसे और महत्वपूर्ण बनाता है। यदि शेयर 890–900 रुपये के दायरे में टिक जाता है तो यहां से दोबारा मजबूती देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर यह स्तर decisively टूटता है तो 7–8% की अतिरिक्त गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि ऐसी गिरावट को लंबी अवधि के निवेशक अवसर के रूप में देख सकते हैं।

फंडामेंटल मोर्चे पर बैंक की रणनीति क्रेडिट ग्रोथ को इंडस्ट्री ग्रोथ के आसपास बनाए रखने की है, जो स्थिर और संतुलित विस्तार का संकेत देती है। इसलिए यह स्टॉक ट्रेडिंग के बजाय पोर्टफोलियो होल्डिंग के रूप में ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। 900 रुपये के स्तर पर नजर रखना जरूरी है। यदि बाजार में कोई बड़ा जियोपॉलिटिकल जोखिम नहीं उभरता, तो इस स्तर के आसपास एचडीएफसी बैंक में स्थिरता और फिर से मजबूती की संभावना बनी रह सकती है।


(शेयर मंथन, 28 फरवरी 2026)

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