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टीटागढ़ रेल शेयरों में 1110 पर फंसे निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

अमित कुमार जानना चाहते हैं कि उन्हें टीटागढ़ रेल (Titagarh Rail) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 161 शेयर करीब 1110 रुपये के स्तर पर खरीदे हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

युद्ध तनाव से तेल में उछाल, एक्सपर्ट से जानें कितने रेंज में रह सकती है कच्चा तेल की कीमत?

तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशक प्रमोद कुमार झा ने सवाल उठाया कि अगर मध्य-पूर्व में जारी युद्ध लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं और इसका भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ेगा।

1345 पर खरीदे रिलायंस के शेयर वाले निवेशकों को फिलहाल क्या करना चाहिए?

अजय जानना चाहते हैं कि उन्हें रिलायंस (Reliance) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

कमजोर नतीजों के बीच प्राज इंडस्ट्रीज में भारी गिरावट, कितने तक फिसलेगा शेयर?

ईश्वर पंजवानी जानना चाहते हैं कि उन्हें पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Praj Industries) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

कच्चे तेल में भारी उतार-चढ़ाव, अनुज गुप्ता से जानें युद्ध तनाव से बाजार में आगे क्या होगा?

वैश्विक कमोडिटी बाजार इस समय भारी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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