शेयर मंथन में खोजें

बाजार में कमजोरी बने रहने के संकेत, पुलबैक रैली के स्तरों को समझे कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार को बेंचमार्क सूचकांकों में तीव्र करेक्शन दिखा, निफ्टी 346 अंक नीचे और सेंसेक्स 1049 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों में सभी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक में लाल निशान में कारोबार हुआ, रियल्टी सूचकांक में 6.5% से अधिक की सबसे ज्यादा गिरावट आयी। तकनीकी तौर से कमजोर शुरुआत के बाद बाजार ने 23260/77000 का निर्णायक समर्थन स्तर तोड़ दिया, जो कि नकारात्मक था। इसने दैनिक चार्टों पर मंदी की कैंडल बनायी और एकदिनी चार्टों पर लोअर टॉप की संरचना पकड़ रखी है, जो मौजूदा स्तरों से कमजोरी जारी रहने का संकेत दे रही है। 

दैनिक कारोबारियों के लिए 23250/77000 का स्तर ट्रेंड तय करने वाला स्तर होगा, इस स्तर के नीचे कमजोरी की धारणा बनी रहेगी। बाजार 22900-22800/76000-75700 के स्तरों तक फिसल सकते हैं। इसके विपरीत पुलबैक रैली 23250-23350/76800-77100 के स्तर तक बढ़ सकती है। ऐसे में 23200-23300 के स्तरों के बीच कमजोर लॉन्ग पोजीशन घटाने की रणनीति होनी चाहिए। 

बैंक निफ्टी को देखें तो, छोटी अवधि का परिदृश्य कमजोर बना हुआ है और 48600 का स्तर निर्णायक रूप से टूटने के बाद ही पुलबैक रैली आ सकती है। अगर ये 48600 का स्तर पार करता है, तो ये 48900-49000 के दायरे की तरफ बढ़ सकता है। इसके विपरीत जब तक सूचकांक 48600 के स्तर के नीचे कारोबार करेगा, कमजोरी की धारणा बने रहने का अनुमान है और ये 47500 के स्तरों तक टूट सकता है। 

(शेयर मंथन, 14 जनवरी 2025)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख