शेयर मंथन में खोजें

गैलेक्टिको कॉर्पोरेट सर्विसेज (Galactico Corporate Services) का आईपीओ 100% से अधिक सब्सक्राइब

2015 में शुरू की गयी वित्तीय सेवा प्रदाता गैलेक्टिको कॉर्पोरेट सर्विसेज (Galactico Corporate Services) के एसएमई आईपीओ (SME IPO) इश्यू को आज साढ़े 11 बजे 104% आवेदन मिल गये हैं।

यह इश्यू मंगलवार 24 सितंबर से आवेदन के लिए खुला है, जिसमें 27 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। गैलेक्टिको कॉर्पोरेट सर्विसेज ने आईपीओ में 10 रुपये मूल कीमत वाले शेयरों का भाव 23 रुपये रखा है।
बता दें कि इश्यू में गैर-संस्थागत निवेशकों और खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए 7.62-7.62 लाख शेयर आरक्षित हैं। इन्हीं निवशकों की ओर से इश्यू को 104% आवेदन मिल गये हैं।
किसी निवेशक को इश्यू में न्यूनतम 6,000 शेयरों के लिए आवेदन करना है, यानी एक निवेशक को कम के कम 1,38,000 रुपये का निवेश करना होगा। इश्यू में कुल 16.08 लाख शेयर बेचे जायेंगे, जिससे कंपनी 3.70 करोड़ रुपये जुटा सकेगी।
इश्यू के बाद कंपनी में प्रमोटर शेयरधारिता 100% से घट कर 71.94% रह जायेगी। आईपीओ के बाद कंपनी का शेयर बीएसएई एसएमई (BSE SME) पर सूचीबद्ध होगा।
आईपीओ के जरिये जुटायी गयी पूँजी का इस्तेमाल गैलेक्टिको कॉर्पोरेट सर्विसेज कर्ज चुकाने और सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के लिए करेगी।
गैलेक्टिको कॉर्पोरेट सर्विसेज निवेश सलाहकार, पूँजी जुटाने की गतिविधियों और इश्यू की अंडरराइटिंग का प्रबंधन करती है। गैलेक्टिको एक इश्यू के लिए सलाहकार, प्रबंधक और परामर्शदाता के रूप में भी सेवाएँ देती है। (शेयर मंथन, 26 सितंबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख