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आईटी सेक्टर में आई हल्की तेजी, क्या बन गया बॉटम, निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

आईटी सेक्टर की बात करें तो हाल के दिनों में इसमें हल्की मजबूती जरूर देखने को मिली है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह सेगमेंट अपना बॉटम बना चुका है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि हालांकि गहराई से विश्लेषण करने पर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिखती। निफ्टी आईटी में आई हालिया तेजी को एक शुरुआती संकेत माना जा सकता है, लेकिन इसे स्थायी रिवर्सल मान लेना जल्दबाजी होगी। वैश्विक परिदृश्य को देखें तो मौजूदा युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर उतना गंभीर नहीं दिख रहा है, जितना अन्य देशों पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से जहां कई देशों का इंपोर्ट बिल बढ़ता है, वहीं अमेरिका जैसे देश को इसका सीमित प्रभाव पड़ता है। इसका मतलब यह है कि भारतीय आईटी कंपनियों के प्रमुख क्लाइंट जो ज्यादातर अमेरिकी कंपनियां हैं। उनकी डिमांड में फिलहाल कोई बड़ा झटका नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईटी सेवाओं की कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं हुई है और मामूली कमी को बढ़े हुए वॉल्यूम से संतुलित किया जा रहा है।

फिर भी, असली चिंता आईटी कंपनियों की ग्रोथ रेट को लेकर है। पहले जहां ये कंपनियां 10 से 12% या उससे अधिक की रेवेन्यू ग्रोथ दिखाती थीं, वहीं अब यह घटकर 2–5% के दायरे में आ गई है। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आमतौर पर 15–25 के पी/ई मल्टीपल पर ट्रेड करने वाली कंपनियों से कम से कम डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद होती है, लेकिन जब ग्रोथ इतनी धीमी हो जाए तो वैल्यूएशन को और नीचे आना पड़ सकता है।

इसी वजह से कई निवेश विशेषज्ञ अभी भी आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक वैल्यूएशन और आकर्षक स्तरों पर नहीं आते, जैसे कि बड़े आईटी शेयर 14 से 15 के पी/ई रेंज में नहीं पहुंचते, तब तक इसमें बड़ा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी कंपनियाँ भले ही मजबूत बैलेंस शीट और कैश फ्लो के कारण दीर्घकाल में सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन मौजूदा स्तरों पर इनमें बहुत तेज ग्रोथ की उम्मीद सीमित है।

टेक्निकल नजरिए से भी देखें तो निफ्टी आईटी के लिए 26,000 से 24,500 का दायरा एक महत्वपूर्ण “सेफ्टी ज़ोन” माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर तक आता है, तो वहां से रिस्क काफी कम हो सकता है और लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं। फिलहाल 28,000 के आसपास के स्तरों पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है और स्पष्ट रिवर्सल के संकेत नहीं मिले हैं।

निवेश रणनीति के लिहाज से यह समझना जरूरी है कि आईटी सेक्टर पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा है, बल्कि एक धीमे ग्रोथ फेज से गुजर रहा है। ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय सही वैल्यूएशन का इंतजार करना बेहतर होगा। जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से मजबूत कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, वे गिरावट के दौरान चरणबद्ध तरीके से एंट्री कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल सतर्कता और धैर्य बनाए रखना ही समझदारी होगी।

 



(शेयर मंथन, 23 मार्च 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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