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जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर में 330 रुपये की खरीद, अब क्या करें निवेशक?

जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सौरभ रावत जी का सवाल है। उन्होंने करीब 330 रुपये के भाव पर शेयर खरीदा है और उनका नजरिया लगभग 2 महीने का है।

यानी यह निवेश मुख्य रूप से ट्रेडिंग के नजरिए से किया गया है। ऐसे में उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज शेयर के संभावित रिटर्न से ज्यादा रिस्क मैनेजमेंट है। विशेषज्ञ के मुताबिक, JSW Infra फिलहाल ₹310 के ऊपर पॉजिटिव ट्रेंड में बना हुआ है और जब तक यह स्तर कायम है, तब तक तेजी का ट्रेंड बरकरार माना जा सकता है।

तकनीकी नजरिए से JSW Infra में 355 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण ब्रेकआउट पॉइंट माना जा रहा है। अगर शेयर ₹355 के ऊपर क्लोजिंग बेसिस पर टिकने में कामयाब होता है तो यह एक मजबूत ब्रेकआउट का संकेत हो सकता है। इसके बाद शेयर में आगे की तेजी के रास्ते खुल सकते हैं। वहीं, करीब ₹360 के आसपास पिछला ऑल टाइम हाई भी मौजूद है। अगर शेयर 355-360 रुपये के जोन को मजबूती से पार करता है तो यह एक बड़ा ब्रेकआउट साबित हो सकता है और इसमें आगे अच्छी तेजी की संभावना बन सकती है।

हालांकि, मौजूदा स्तर पर शेयर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के करीब है। इसलिए केवल संभावित ब्रेकआउट को देखते हुए जोखिम को नजरअंदाज करना सही रणनीति नहीं होगी। विशेषज्ञ के अनुसार, सबसे पहले यह तय करना जरूरी है कि ट्रेड में कितना नुकसान सहन किया जा सकता है। 310 रुपये का स्तर मौजूदा स्थिति में अहम रिस्क मैनेजमेंट लेवल बन सकता है। यदि शेयर इस स्तर के नीचे जाता है तो निवेशक को अपनी पोजीशन की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए।

इसके अलावा 330 रुपये के आसपास 20-डे मूविंग एवरेज भी मौजूद है। इसलिए जिन निवेशकों का जोखिम लेने का तरीका थोड़ा अलग है, वे 20 DMA को भी रिस्क मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 330 रुपये के आसपास बने डोजी कैंडल का क्लोज भी इस स्तर को महत्वपूर्ण बनाता है। यानी ट्रेडर अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार 20 DMA या ₹310 के स्तर को ध्यान में रखकर रणनीति बना सकता है।

जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चरमें एक रेक्टेंगल पैटर्न बनने की संभावना भी बताई गई है। इसका मतलब है कि शेयर एक निश्चित दायरे में कुछ समय तक ऊपर-नीचे होता रह सकता है। ऊपर की तरफ 350-360 रुपये के आसपास रेजिस्टेंस और नीचे की तरफ सपोर्ट जोन के बीच अगर शेयर लगातार घूमता रहता है और ब्रेकआउट नहीं देता, तो 2 महीने के ट्रेडिंग नजरिए से अपेक्षित रिटर्न मिलना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में धैर्य रखने के बजाय अपनी तय ट्रेडिंग रणनीति के अनुसार फैसला करना जरूरी होगा।

सौरभ जी के लिए सबसे अहम बात उनका 2 महीने का टाइम होराइजन है। अगर इस अवधि में शेयर ₹355-360 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट देता है तो पोजीशन में तेजी की संभावना बन सकती है। उस स्थिति में नया रिस्क मैनेजमेंट लेवल तय करना जरूरी होगा, ताकि शेयर ऊपर जाने के बाद वापस गिरने पर पहले से बना मुनाफा पूरी तरह खत्म न हो जाए। दूसरी तरफ, अगर शेयर रेंज में फंसा रहता है तो ट्रेड की समीक्षा करनी होगी।


(शेयर मंथन, 21 अगस्त 2026)

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