शेयर मंथन में खोजें

डिजिटल सर्विस के लिए भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा ने मिलाया हाथ

टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरेटल (Bharti Airtel) और आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) ने डिजिटल सर्विस के लिए करार किया है।

इस करार का मकसद 5G के इस्तेमाल में तेजी लाना है। दोनों कंपनियां 5G से संबंधित बाजार से जुड़े डिजिटल सॉल्यूशंस विकसित करेंगे। यह निजी नेटवर्क और क्लाउड से भी संबंधित होगा। आपको बता दें कि एयरटेल पहले से ही 5G का ट्रायल जारी रखे हुए है तो वहीं दूसरी ओर टेक महिंद्रा ने 5जी एप्लीकेशंस और प्लेटफॉर्म विकसित किया है। दोनों कंपनियां संयुक्त तौर पर 5जी इनोवेशन लैब तैयार करेंगी। इसके जरिए भारत और वैश्विक बाजारों के लिए 5जी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। साथ ही इस करार के तहत सरकार के ‘मेक इन इंडिया मुहिम’ को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह सॉल्यूशंस टेक महिंद्रा के सिस्टम की इंट्रीग्रेटेड कनेक्टिविटी के साथ एयरटेल के 5G रेडी मोबाइल नेटवर्क पोर्टफोलियो ,फाइबर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) को जोड़ने पर ध्यान देंगे। शुरुआत में कंपनी का फोकस ऑटोमोबाइल, एविएशन, पोर्ट्स, यूटीलिटीज,केमिकल, ऑयल एंड गैस के अलावा दूसरे इंडस्ट्रीज में होगा। इसके अलावा दोनों कंपनियां क्लाउड और कंटेंट डिलिवरी नेटवर्क यानी (CDN) सॉल्यूशंस भी कारोबारियों को ऑफर करेंगे।
भारती एयरटेल के एंटरप्राइज कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश लक्ष्मीनारायणन ने कहा कि दोनों कंपनियों के पास ग्राहकों का भरोसा और तकनीकी क्षमता मौजूद है। (शेयर मंथन, 31 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख