शेयर मंथन में खोजें

एलएंडटी कंस्ट्रक्शन को ट्रांसपोर्ट इंफ्रा के लिए 1000-2500 करोड़ रुपए की रेंज में ऑर्डर मिला

एलएंडटी कंस्ट्रक्शन को TNRIDC यानी तमिलनाडु इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से 1000-2500 करोड़ रुपए की रेंज में ऑर्डर मिला।

कंपनी को यह ऑर्डर ट्रांसपोर्ट इंफ्रा के लिए मिला है। यह ऑर्डर तमिलनाडु रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से मिला है। कंपनी को चेन्नई पेरीफेरल रोड के निर्माण के लिए यह ऑर्डर मिला है। इसका निर्माण इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शंस मोड के तहत किया जाना है। 12.80 किलोमीटर के छ लेन वाली ग्रीनफील्ड हाइवे का निर्माण करना है। इसके अलावा दो लेन के सर्विस रोड का निर्माण भी इसमें शामिल है। साथ ही निर्माण पूरा होने के बाद कंपनी पर 7 साल तक इसके रख-रखाव की भी जिम्मेदारी होगी।
वहीं पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से ऑर्डर मिला है। इसके तहत इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शंस की प्रक्रिया शामिल है। साथ ही कंपनी पर डिजाइन,सप्लाई, इंस्टॉलेशन की भी जिम्मेदारी है। 36 महीने के अंदर पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट की फंडिंग यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (EIB) की ओर से की गई है। कंपनी को रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में काम करने का अच्छा अनुभव है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Uttar Pradesh Metro Rail Corporation) के जिम्मे राज्य के बड़े शहरों जैसे कानपुर, आगरा में मेट्रो सिस्टम विकसित करने की जिम्मेदारी है। लार्सन एंड टूब्रो इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शंस प्रोजेक्ट के क्षेत्र में काम करने वाली बहुद्देशीय कंपनी है। कंपनी का कारोबार वैश्विक स्तर पर 50 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। (शेयर मंथन, 05 अप्रैल 2022)

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख