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मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को ओएनजीसी से 1486 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला

शिपबिल्डिंग में कारोबार करने वाली सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को ओएनजीसी (ONGC) से बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को ओएनजीसी से करीब 1486 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है।

वाटर ट्रीटमेंट इकाई के लिए सऊदी अरब से वा टेक वॉबाग को 2700 करोड़ रुपये का ऑर्डर

वा टेक वॉबाग के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शेयर में तेजी की वजह ऑर्डर मिलना रहा है। कंपनी को सऊदी वाटर अथॉरिटी 2700 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला। कंपनी को यह ऑर्डर डीसैलिनेशन इकाई के लिए मिला है। इस प्रोजेक्ट को 30 महीने की अवधि के भीतर पूरा करना है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद से 10 खरीद प्रस्तावों को मंजूरी

डीएसी यानी डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (रक्षा अधिग्रहण परिषद) की कल हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। डीएसी की बैठक में 10 रक्षा खरीद प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इस बैठक में 1.45 लाख करोड़ रुपये के 10 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

वैल्यू अनलॉकिंग के मकसद से रेमंड लाइफस्टाइल कारोबार को लिस्ट कराएगी

रेमंड ग्रुप की कंपनी रेमंड लाइफस्टाइल 5 सितंबर को लिस्ट होने जा रही है। कंपनी की अगले 4 साल में कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की उम्मीद है।

बाजार में 14 दिनों की तेजी पर लगा विराम, निफ्टी 81, सेंसेक्स 202 अंक गिरकर बंद

वैश्विक बाजारों से बहुत ही कमजोर संकेत देखने को मिले। डाओ जोंस 675 अंक गिरकर 41,000 के नीचे बंद हुआ। नैस्डैक पर 3.25% से ज्यादा का नुकसान देखा गया । नैस्डैक 577 अंक गिरकर बंद हुआ। IT और सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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