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तीखी गिरावट आये तो खरीदारी करें

rk guptaरवि के. गुप्ता, एमडी, टॉरस म्यूचुअल फंड

फिलहाल भारतीय शेयर बाजार एक चौराहे पर खड़ा दिख रहा है और अगले कुछ महीनों की अवधि में सूचकांक की दिशा घरेलू और वैश्विक, दोनों परिदृश्यों पर निर्भर करेगी।

मौजूदा बाजार व्यवहार यह संकेत दे रहा है कि अभी यह कारोबारी सौदों का ही बाजार है, इसलिए यह लंबी अवधि के निवेश के लिए सकारात्मक नहीं दिख रहा है। हालाँकि ऐसा लगता है कि सेंसेक्स को 25,000 और निफ्टी को 7,300 अंक के आसपास समर्थन मिल रहा है। बाजार में तीखी गिरावट आने पर नये निवेश पर विचार किया जा सकता है। (शेयर मंथन, 08 जनवरी 2016)

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    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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