अजय बग्गा
बाजार विशेषज्ञ
भारतीय शेयर बाजारों के प्रति मेरा रुख रचनात्मक बना हुआ है। मेरा मानना है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार वैश्विक बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
मैं दिसंबर 2026 के अंत तक सेंसेक्स के 82,980 और निफ्टी के 25,900 तक पहुँचने की उम्मीद करता हूँ। जून 2027 तक मेरे अनुमान में सेंसेक्स 86,113 और निफ्टी 26,870 के स्तर पर हो सकते हैं। सेंसेक्स का 1 लाख के लक्ष्य तक पहुँचना 2028 तक संभव हो सकता है।
वित्त वर्ष 2026-27 में निफ्टी का ईपीएस 1,250 रुपये और 2027-28 में 1,412 रुपये रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कॉर्पोरेट आय में 0-10% वृद्धि की उम्मीद है। भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2026-27 में 6.8% और 2027-28 में 7% रहेगी।
अगले 12 महीनों में वित्तीय, दवा, रक्षा (डिफेंस), रियल एस्टेट और टेलीकॉम क्षेत्र बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। दूसरी ओर, एफएमसीजी और ऑटो क्षेत्र बाजार से कमजोर रहने की संभावना है। इस समय भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक कारक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों का फरवरी 2026 के स्तर तक वापस आना है। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली बाजार के लिए सबसे बड़ा नकारात्मक कारक बनी हुई है।
अगले 6 महीनों में भारतीय बाजारों की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक अर्थव्यवस्था और कंपनियों के तिमाही नतीजे सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे। वैश्विक ब्याज दरें भी भारतीय बाजारों को प्रभावित करेंगी। हाल के महीनों में अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत और भारतीय शेयर बाजारों पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ा है। हालाँकि लगता है कि हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष समाप्त हो चुका है और दोनों देशों के बीच अंततः एक समझौता भी हो जायेगा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अगले 3 महीनों में अंतिम रूप ले सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसका भारतीय बाजारों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं वैश्विक और घरेलू ब्याज दरों का रुख भी भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक रहेगा।
वैश्विक एआई बुलबुला अभी नहीं फूटा है, लेकिन अगले 12-24 महीनों में इसके फूटने की संभावना है। इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर नकारात्मक रहेगा। मेरे अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) तब शुद्ध खरीदार बनेंगे, जब उन पर लगने वाले करों को हटा दिया जायेगा। मुद्रा बाजार में अगले 6 महीनों में डॉलर-रुपया विनिमय दर 91-95 रुपये के दायरे में रह सकती है।
(शेयर मंथन, 12 जुलाई 2026)