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जून 2026

एआई बुलबुला फूटना शुरू हो गया, दूसरी छमाही में खरीदार बनेंगे एफपीआई

विवेक महाजन

वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आदित्य बिड़ला मनी

भारतीय शेयर बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है और निवेशकों को बाजार में निवेश बनाये रखना चाहिए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक कारकों में से एक है। हालाँकि, सामान्य से कम मानसून की आशंका बाजार के लिए नकारात्मक जोखिम है।

मजबूत बुनियाद और घरेलू माँग से बाजार में तेजी की उम्मीद

विवेक कुमार नेगी

सीओओ, इन्वेस्ट राइट कैट-3 एआईएफ

भारतीय शेयर बाजार की बुनियाद मजबूत है और घरेलू माँग तथा कच्चे तेल की कम कीमतें बाजार के लिए सकारात्मक हैं।

बाजार ने दिखायी है दृढ़ता, साल भर में 28,000 पर पहुँचेगा निफ्टी

विजय चोपड़ा

एमडी-सीईओ, इनॉक इंटरमीडियरीज

भारतीय शेयर बाजार ने अब तक काफी दृढ़ता दिखायी है। यदि रुपये में मजबूती, नीतिगत सुधार या इस तरह की कोई अच्छी खबर आती है, तो बाजार का रुख सकारात्मक रहना चाहिए।

बाजार में तेजी का रुझान, पर वैश्विक जोखिमों से रहें सतर्क

विजय भूषण

निदेशक, भारत भूषण इक्विटी

भारतीय शेयर बाजार को लेकर मेरा रुख इस समय सकारात्मक है, हालाँकि वैश्विक भूराजनीतिक जोखिमों को देखते हुए निवेशकों को सतर्क आशावाद बनाये रखना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 83,200 और निफ्टी 25,960 के स्तर तक पहुँच सकते हैं।

मजबूत आय से बाजार को सहारा, पर वैश्विक अनिश्चितता की चिंता

टी. एस. हरिहर

चीफ एग्जीक्यूटिव, एचआरबीवी क्लाइंट सॉल्यूशंस

भारतीय शेयर बाजार का परिदृश्य सकारात्मक है, लेकिन सावधानी जरूरी है, क्योंकि बाजार के संकेत अभी काफी अस्थिर हैं।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • अगले 6-12 महीनों में तेज वापसी की आशा - निवेश मंथन (जून 2026)

    बाजार में इस साल की शुरुआत में यह धारणा दिख रही थी कि 2025 खराब गया है, पर 2026 उससे बेहतर होगा। आधा साल बीतने के बाद यह तो स्पष्ट है कि भूराजनीति और ट्रंप ने तब बाजार को जितना डरा रखा था, उनका वास्तविक असर उससे काफी बुरा रहा। 

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

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