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रेपो रेट में बढ़ोतरी के साथ ही आईसीआईसीआई, पीएनबी बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) के दरों में 0.50% बढ़ोतरी के फैसले के साथ ही बैंकों ने बेंचमार्क ब्याज दर में बढ़ोतरी करना शुरू कर दिया है।

 इसी कड़ी में आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और पंजाब नेशनल बैंक ने 0.50% बढ़ोतरी का फैसला किया है। आपको बता दें कि रेपो रेट वह दर होता है जिसपर भारतीय रिजर्व बैंक बैंकों को कामकाज के लिए पैसा देता है। आरबीआई के रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद अब नई दर 5.40% हो गई है। आरबीआई ने यह फैसला महंगाई से निपटने के लिए लिया है। खुदरा महंगाई पिछले छह: महीने से 6% से ऊपर के स्तर पर बना हुआ है। आईसीआईसीआई बैंक की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (I-EBLR) आरबीआई के रेपो रेट के रेफरेंस से जुड़ा है। एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट 9.10% है। नई दर 5 अगस्त से ही लागू है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी (PNB) ने भी आरबीआई के रेपो रेट में बढ़ोतरी के फैसले के साथ ही रेपो 0.50% से बढ़ा दिया है। पंजाब नेशनल बैंक का एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट 7.40% से बढ़कर 7.90% हो गया है। इसकी वजह लेडिंग रेट का रेपो रेट से जुड़ना यानी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) है। नई दर 8 अगस्त से लागू माना जाएगा। इससे पहले आईसीआईसीआई बैंक ने एमसीएलआर यानी MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट) में 0.15% की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी सभी अवधि के लागू है। 2017 में आरबीआई के आंतरिक अध्ययन ग्रुप यानी इंटरनल स्टडी ग्रुप की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इंटर्नल बेंचमार्क रेट्स जैसे बेस रेट या एमसीएलआर एमपीसी यानी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की ओर से रेपो रेट पर लिए गए फैसले का प्रभावी तौर पर ग्राहकों को फायदा नही मिल पा रहा है। इसी के आधार पर स्टडी ग्रुप ने सिफारिश की थी कि इसे इंटर्नल से हटाकर एक्सटर्नल पर शिफ्ट करना चाहिए। इसके बाद से ही सभी नए फ्लोटिंग रेट व्यक्तिगत और रिटेल लोन (हाउसिंग, ऑटो) के साथ ही बैंकों की ओर से सूक्ष्म और लघु उपक्रम को दिए जाने वाले लोन भी 1 अक्टूबर 2019 से एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट से जोड़ दिया गया।

(शेयर मंथन 06 अगस्त, 2022)

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