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एनसीएलटी से पीईएल के डीमर्जर योजना को मंजूरी

पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के डीमर्जर योजना को एनसीएलटी (NCLT) से मंजूरी मिल गई है।

 एनसीएलटी से कंपनी के फार्मा कारोबार के डीमर्जर योजना को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कॉरपोरेट स्ट्रक्चर (संरचना) को आसान करने की भी मंजूरी मिल गई है। एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा है कि एनसीएलटी से मंजूरी मिलने के बाद अब वह अपनी योजना पर काम कर सकेगी। इसके तहत दो लिस्टेड कंपनियां होंगी। पीरामल एंटरप्राइजेज जो कि एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) होगी और दूसरी कंपनी पीरामल फार्मा होगी। पीरामल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अध्यक्ष अजय पीरामल ने कहा कि, हम डीमर्जर की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सही रास्ते पर हैं। साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक पीरामल फार्मा को लिस्ट कराने की उम्मीद है। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी के बोर्ड ने फार्मा कारोबार के डीमर्जर के साथ कॉरपोरेट स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए मंजूरी दी थी। कंपनी के इस डीमर्जर योजना को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बाजार नियामक यानी सेबी (SEBI), स्टॉक एक्सचेंजेज, क्रेडिटर्स और इक्विटी शेयरधारकों से मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। पीरामल एंटरप्राइजेज ने इसी साल जुलाई में इस बात की जानकारी दी थी कि कंपनी को एनबीएफसी (NBFC) लाइसेंस के लिए आरबीआई से मंजूरी मिल गई है। कंपनी के मुताबिक एनबीएफसी का लोन बुक करीब 900 करोड़ डॉलर का है। वहीं फार्मा कारोबार की आय करीब 100 करोड़ डॉलर का है। इस डीमर्जर योजना के तहत पीरामल एंटरप्राइजेज के शेयरधारकों को हर 1 शेयर के बदले पीरामल फार्मा लिमिटेड (PPL) के 4 शेयर मिलेंगे। कंपनी की रिटेल और होलसेल फाइनेंसिंग में अच्छी पकड़ है। साथ ही कंपनो को तकनीक का भी फायदा मिलेगा। कंपनी की दुनिया भर में 15 उत्पादन इकाई है। वहीं 100 से ज्यादा देशों में कंपनी का वितरण नेटवर्क फैला हुआ है।

(शेयर मंथन 13 अगस्त, 2022)

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