शेयर मंथन में खोजें

वीजा ऑन अराइवल की सुविधा के लिए थाईलैंड का बीएलएस से करार

बीएलएस (BLS) इन्टरनेशनल ने थाईलैंड के साथ करार का ऐलान किया है। कंपनी ने यह करार 17 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए वीजा ऑन अराइवल (visa-on-arrival) की सुविधा देने के लिए किया है।

 एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक वीजा सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी बीएलएस (BLS) इन्टरनेशनल ने थाईलैंड के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत थाईलैंड 17 देशों से आने वाले यात्रियों के इलेक्ट्रॉनिक वीजा ऑन एराइवल को स्वीकार करेगा। इस करार से थाईलैंड में पर्यटकों की संख्या में तेजी देखने को मिलेगी। एक अनुमान के मुताबिक आने वाले सीजन में 75000 से ज्यादा पर्यटकों के आने की उम्मीद है। कंपनी का करीब 46 से ज्यादा ग्राहक सरकारी हैं जिसमें डिप्लोमैटिक मिशन, दूतावास और कंसुलेट शामिल हैं। इसके साथ कंपनी ने डाटा सुरक्षा के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। इस करार के के बाद बुल्गारिया, भूटान, चीन, साइप्रस, इथियोपिया, फिजी, जॉर्जिया, भारत, माल्टा, मैक्सिको, पापुआ न्यू गिनी, रोमानिया, ताइवान, उज्बेकिस्तान से थाईलैंड जाने वाले पर्यटकों के लिए वीजा प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी। बीएलएस इन्टरनेशनल की मौजूदगी 27000 से ज्यादा सेन्टर्स है। कंपनी के पास 20000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी इन कर्मचारियों की मदद से कंसुलेट में बायोमेट्रिक और नागरिकों से जुड़ी सेवाएं देती है। वैश्विक स्तर पर कंपनी ने अब तक 6.2 करोड़ आवेदन को प्रोसेस कर चुकी है।

 

 (शेयर मंथन, 9 अप्रैल, 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख