शेयर मंथन में खोजें

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में एचसीएल टेक का मुनाफा 11.3% गिरा

आईटी की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक ने वित्त वर्ष 2024 के पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 11.3% गिरा है। कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,983 करोड़ रुपये से घटकर 3,534
करोड़ रुपये रह गया है।

 वहीं कंसोलिडेटेड आधार पर आय में 1.2% की गिरावट देखने को मिली है। कंसोलिडेटेड आय 26,606 करोड़ रुपये से घटकर 26,296 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। डॉलर आय 1.1% गिर कर 323.5 करोड़ रुपये से गिर कर 320 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं EBIT में 8.2% की गिरावट देखने को मिली है। EBIT 4,836 करोड़ रुपये से घटकर 4,438 करोड़ रुपये रह गया है। वहीं मार्जिन में मामूली गिरावट रही है। मार्जिन 18.2% से घटकर 16.9% के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है जिसकी रिकॉर्ड तारीख 20 जुलाई है। कॉन्सटेंट करेंसी आय में 1.3% की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं एट्रिशन की दर तिमाही आधार पर 19.5% से घटकर 16.3% आई है।

वित्त वर्ष 2024 के लिए कॉन्सटेंट करेंसी में वृद्धि 6-8% तक रहने का अनुमान है। वहीं EBIT मार्जिन 18-19% रहने का अनुमान है। कंपनी के अमेरिकी कारोबार के सीसी आय में 0.2%, यूरोप -2.4% और बाकी जगहों पर -6.2% की नकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। कंपनी के फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार में 5.1%, मैन्युफैक्चरिंग 3.6% , लाइफसाइंसेज और हेल्थकेयर -1.3%, टेक्नोलॉजी ऐंड सर्विसेज -7.8%, पब्लिक सर्विसेज -2.2%, रिटेल ऐंड सीपीजी 0.3% और टेलीकम्यूनिकेशन मीडिया कारोबार में -14.4% की वृद्धि देखने को मिली है। एचसीएल टेक का शेयर बीएसई (BSE) पर 0.13% चढ़ कर 1112 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ।

 

(शेयर मंथन, 13 जुलाई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख