शेयर मंथन में खोजें

चौथी तिमाही में आनंद राठी वेल्थ का मुनाफा 33% बढ़ा, बायबैक को बोर्ड मंजूरी

नॉन बैंक वेल्थ सॉल्यूशंस कंपनी आनंद राठी वेल्थ ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 33% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा 42.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 57 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं कंपनी की आय में 28.9% की बढ़ोतरी देखी गई है।

कंपनी की आय 143 करोड़ रुपये से बढ़कर 184.3 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के कामकाजी मुनाफे में 20% की बढ़त देखी गई है। कामकाजी मुनाफा 60.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 73.1 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं कंपनी के मार्जिन में मामूली गिरावट देखने को मिली है और यह 42.6% से घटकर 39.7% के स्तर पर आ गया है। बोर्ड ने 9 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड का ऐलान किया है। वहीं कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 के लिए 14 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है। इसमें 5 रुपये का अंतरिम डिविडेंड भी शामिल है। इसके अलावा बोर्ड ने 4450 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बायबैक को मंजूरी दी है। बायबैक के तहत 3.7 लाख शेयरों का बायबैक होगा। कंपनी बायबैक पर अधिकतम 164.65 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह कंपनी के कुल पेड अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 0.88% है। कंपनी नि वित्त वर्ष 2024 के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी 40% दर्ज किया है। कंपनी के नेट इनफ्लो में 41% की बढ़ोतरी हुई है और यह 7182 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं एसेट अंडर मैनेजमेंट में इक्विटी म्युचुअल फंड्स का हिस्सा 48% से बढ़कर 51% हो गया है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर BSE पर 3.60% चढ़ कर 4050 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ।

(शेयर मंथन, 13 अप्रैल, 2024)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख