शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

आरआईएल (RIL) का फाइनेंशियल सर्विसेज को डीमर्ज करने का फैसला

 रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज सब्सिडियरी को डीमर्ज (अलग) करने का फैसला लिया है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को अलग कर एक्सचेंज पर लिस्ट (सूचीबद्ध) कराएगी।

दूसरी तिमाही में आईजीएल का मुनाफा 4 फीसदी बढ़ा

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी आईजीएल लिमिटेड (IGL) का दूसरी तिमाही में मुनाफा 4 फीसदी से बढ़ा है। आपको बता दें कि कंपनी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर (NCR) और उससे सटे शहरों में रिटेल सीएनजी (CNG) और पाइप्ड कुकिंग गैस (PNG) की आपूर्ति करती है।

दूसरी तिमाही में एचडीएफसी एएमसी का मुनाफा 6% बढ़ा

देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने 30 सितंबर को खत्म हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किये हैं। इसके मुताबिक कंपनी का शुद्ध लाभ 30 सितंबर 2021 को समाप्त पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 6% अधिक रहा। यह जानकारी कंपनी ने बुधवार (19 अक्टूबर) को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

दो इनहेलेशन ब्रांड का अधिग्रहण करेगी ल्यूपिन, बायोटेक इकाई को 17 आपत्तियां जारी

दवा कंपनी ल्यूपिन का सांस से संबंधित दवाओं के पोर्टफोलियो के विस्तार पर फोकस कर रही है। इसी दिशा में कंपनी दो इनहेलेशन ब्रांड का अधिग्रहण करेगी।

दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स का मुनाफा 33 फीसदी बढ़ा

एशियन पेंट्स का दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफे में 33 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी का मुनाफा 605 करोड़ रुपये से बढ़कर 804 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख