शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

हिन्दुस्तान जिंक में ओएफएस के जरिए वेदांता बेचेगी हिस्सा

हिन्दुस्तान जिंक में हिस्सा बिक्री के जरिए वेदांता की फंड जुटाने की योजना है। वेदांता हिन्दुस्तान जिंक में ओएफएस (OFS) के जरिए हिस्सा बेच रही है। कंपनी की पहले 2.6% हिस्सा बिक्री की योजना थी। कंपनी ने बाद में कंपनी ने हिस्सा बिक्री का साइज बढ़ाकर 3.17% करने का फैसला लिया है।

फ्रांस की आरऐंडडी कंपनी में 80% हिस्सा खरीदेगी जुबिलेंट फार्मोवा की सब्सिडियरी

दवा कंपनी जुबिलेंट फार्मोवा की सब्सिडियरी फ्रांस की कंपनी में आरऐंडडी (R&D) सेंटर में हिस्से का अधिग्रहण करेगी। यह अधिग्रहण Pierre Fabre के आरऐंडडी में किया जाएगा। यह अधिग्रहण करीब 80% के करीब है। आपको बता दें कि जुबिलेंट फार्मोवा की सब्सिडियरी कंपनी जुबिलेंट बायोसिस है।

पहली तिमाही में एचएएल का मुनाफा 76% बढ़ा, आय 11% बढ़ी

रक्षा सेक्टर की जानी मानी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने पहली तिमाही के नतीजे बुधवार को जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 76% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 814 करोड़ रुपये से बढ़कर 1435 करोड़ रुपये हो गया है।

तिमाही आधार पर स्पाइसजेट का मुनाफा 24.4% बढ़ा, आय 1.7% घटी

एविएशन कंपनी स्पाइसजेट ने पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में तिमाही आधार पर 24.4% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफा 127 करोड़ रुपये से बढ़कर 158 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं कंपनी की आय में 1.7% की गिरावट देखी गई है।

पहली तिमाही में ग्लेनमार्क फार्मा का मुनाफा 96.5% बढ़ा, आय 7% बढ़ी

ग्लेनमार्क फार्मा ने वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। पहली तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 96.5% की बढ़ोतरी हुई है। कंसोलिडेटेड आधार पर ग्लेनमार्क फार्मा का पहली तिमाही में मुनाफा 173 करोड़ रुपये से बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख