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कैपेसाइट इंफ्रा ने 826.49 करोड़ रुपए का ऑर्डर जीता

कैपेसाइट इंफ्रा को कुल 826.49 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। इसमें जीएसटी शामिल नहीं है। कंपनी को यह ऑर्डर सरकारी और निजी कंपनी की ओर से मिला है। कंपनी को पहला ऑर्डर म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई से मिला है। इसके तहत कंपनी को 599.04 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है।

न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी को कैबिनेट मंजूरी, जम्मू-कश्मीर में 540 मेगा वाट हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी

 कैबिनेट ने खरीफ फसलों के लिए न्यूट्रिएंट आधारित सब्सिडी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने यह सब्सिडी फॉस्फेटिक और पोटाश फर्टिलाइजर (P&K) के लिए मंजूर की है। कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2022 के लिए 60,939 करोड़ रुपए की सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी पिछले साल के मुकाबले प्रति बोरी 50% से ज्यादा है। यह सब्सिडी 1 अप्रैल से 30 सितंबर के लिए मान्य होगा। इस सब्सिडी में खाद के घरेलू उत्पादन के अलावा डीएपी (DAP) के इंपोर्ट में होने वाला खर्च भी शामिल है।

ओएनजीसी का नॉर्वे की एनर्जी कंपनी के साथ करार

सरकारी कंपनी ओएनजीसी (ONGC) ने नॉर्वे की एनर्जी की बड़ी कंपनी इक्विनॉर एएसए (ASA) के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। कंपनी ने यह करार ऑयल एंड गैस के क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के साथ-साथ क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए किया है।

हाइपर लोकल सेगमेंट के लिए टीवीएस मोटर्स का रैपिडो के साथ करार

 टीवीएस मोटर्स ने रैपिडो (Rapido) के साथ करार किया है। कंपनी ने यह करार मोबिलिटी और हाइपर लोकल सेगमेंट के लिए किया है। कंपनी ने यह रणनीतिक करार व्यावसायिक मोबिलिटी इकोसिस्टम और आपसी फायदे के लिए किया है। आपको बता दें कि रैपिडो एक ऑन डिमांड डिलिवरी और मोबिलिटी प्लैटफॉर्म है।

बायोकॉन बायोलॉजिक्स की सब्सिडियरी कंपनी को इंसुलिन आपूर्ति के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट

बायोकॉन बायोलॉजिक्स की सब्सिडियरी कंपनी को मलेशिया सरकार से इंसुलिन की आपूर्ति के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को इंसुलिन की आपूर्ति के लिए 9 करोड़ डॉलर यानी करीब 688 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को यह कॉन्ट्रैक्ट 3 साल के लिए मिला है। कंपनी को रिकॉम्बिनेंट ह्यूमैन इंसुलिन ब्रांड इंसुजेन की आपूर्ति करना है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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