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वोल्टास ने पेश किए शानदार नतीजे, शेयर में दिखा तगड़ा उछाल

एसी यानी एयरकंडीशंस के कारोबार में काम करने वाली टाटा ग्रुप की नामी कंपनी वोल्टास ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने शानदार नतीजे पेश करते हुए मुनाफे में 160% का शानदार उछाल दिखा है। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 129 करोड़ रुपये से बढ़कर 334 करोड़ रुपये हो गया है।

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का पहली तिमाही में मुनाफा 31%, आय 13% बढ़ी

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 31% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा 29 करोड़ रुपये से बढ़कर 38 करोड़ रुपये हो गया है।

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का पहली तिमाही में मुनाफा 53.1% बढ़ा, आय 26.9% बढ़ी

टायर की नामी कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज ने पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 53.1% की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा 103.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 158.8 करोड़ रुपये हो गया है।

पहली तिमाही में एल्केम लैब का मुनाफा 86% बढ़ा

दवा कंपनी एल्केम लैबोरेट्रीज ने वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी के मुनाफे में 86% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 288 करोड़ रुपये से बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया है।

पहली तिमाही में ग्रासिम इंडस्ट्रीज मुनाफे से घाटे में आई

आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने पहली तिमाही के नतीजे शुक्रवार को जारी किए हैं। कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई है। कंपनी को 355 करोड़ रुपये मुनाफे के मुकाबले 52 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी की आय में 10.5% की वृद्धि हुई है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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