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चौथी तिमाही में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का मुनाफा 47.5 फीसदी बढ़ा

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा कंसोलिडेटेड आधार पर 378 करोड़ रुपये से बढ़कर 558 करोड़ रुपये रहा है। मुनाफे के मोर्चे पर पैकेजिंग, पाम ऑयल की कीमत में सुधार से लागत कम हुई। कमोडिटी कीमतों में कमी से भी मुनाफे को सहारा मिला है।

चौथी तिमाही में अदानी एंटरप्राइजेज का मुनाफा 137 फीसदी बढ़ा

गौतम अदाणी की मालिकाना हक वाली अदानी एंटरप्राइजेज ने चौथी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे में 137 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफा 304 करोड़ रुपये से बढ़कर 722 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी की कंसो आय 24,865 करोड़ रुपये से बढ़कर 31,346 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

चौथी तिमाही में एचडीएफसी का मुनाफा 20% बढ़ा

भारत की दिग्गज हाउसिंग फाइनेंस कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस लिमिटेड यानी एचडीएफसी (HDFC) ने चौथी तिमाही में शानदार मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 3700 करोड़ रुपये से बढ़कर 4430 करोड़ रुपये हो गया है।

चौथी तिमाही में Bajaj Consumer Care का शुद्ध लाभ 13% बढ़ा, 500% लाभांश देगी कंपनी

बजाज कंज्यूमर केयर लिमिटेड (BCCL) का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च 2023 को समाप्त चौथी तिमाही में 13% बढ़कर 40 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 36 करोड़ रुपये था, और पिछली तिमाही की तुलना में 22% अधिक था। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 500% लाभांश की भी घोषणा की है।

RIL के शेयरधारकों, लेनदारों ने वित्तीय सेवा शाखा के विलय को मंजूरी दी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरधारकों और इसके सुरक्षित और असुरक्षित लेनदारों ने कंपनी के वित्तीय सेवा कारोबार, रिलायंस स्ट्रैटेजिक वेंचर्स (Reliance Strategic Ventures) के विघटन को मंजूरी दे दी है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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