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पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पति-पत्नी करें निवेश तो हर महीने मिलेंगे 8600 रुपये, जानें डिटेल

अपने निवेश से बढ़िया रिटर्न की चाह किसे नहीं होती, मगर शेयर बाजार के मौजूदा हालात से लोग थोड़ा संशय में हैं, इसलिये निवेश के सुरक्षित और गारंटीड विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) से एक बार निवेश करके आप हर महीने अच्छा रिटर्न पा सकते हैं।

बिना नॉमिनी वाले खाताधारक की मौत होने पर किसे दी जाती है रकम? जानिये

जब आप बैंक में खाता खोलते हैं तो उस वक्त नॉमिनी का नाम जोड़ने के लिए कहा जाता है। यह एक बेहद जरूरी चीज है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में मुश्किलें आ सकती हैं और खाताधारक की मृत्यु होने पर बैंक में जमा रकम के हस्तांतरण को लेकर लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। 

1 मई से ATM से कैश निकालना पड़ेगा महँगा, जानिये कितना लगेगा चार्ज

बैंक जाकर पैसे निकालने की तुलना में लोग एटीएम जाकर पैसे निकालने को वरीयता देते हैं, क्योंकि इसमें समय की काफी बचत होती है। लेकिन अब एटीएम से पैसा निकालना पहले की तुलना में महँगा हो जायेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

जब एक यूजर की परेशानी हल करने को नितिन कामथ ने खुद संभाली कमान, जानें पूरा मामला

ब्रोकिंग कंपनी जिरोधा और उसके एक ग्राहक के बीच हाल ही घटा एक दिलचस्प वाक्या हुआ, जिसके बाद कंपनी के सह-संस्थापक नितिन कामथ की तारीफ की जा रही है। हम कामथ और उनके एक यूजर के बीच की समस्या और समाधान की ओर आपका ध्यान खींचना चाहते हैं। मामला दिलचस्प है इसलिए जरा ध्यान से पढ़ियेगा।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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