शेयर मंथन में खोजें

सपाट बंद हुआ बाजार, निफ्टी (Nifty) 8,615 पर बंद

गुरुवार को  दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ।

बाजार में कारोबार के आखिरी घंटे में थोड़ी खरीदारी देखने को मिली। अंत में बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 79.39 अंक या 0.29% की मजबूती के साथ 27,915.90 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान 27,958.13 तक ऊपर गया जबकि नीचे की ओर 27,665.60 तक फिसला। एनएसई का निफ्टी 50 (Nifty 50) अक्टूबर फ्यूचर और ऑपशन के पहले 8,615.25 पर बंद हुआ। इसका दिन का उच्च स्तर 8,624.85 का रहा। दूसरी ओर दिन का निचला स्तर 8,550.25 का रहा। यूरोपीय बाजार के मजबूत शुरुआत के कारण घरेलू बाजार को सहारा मिला। आज के कारोबार में ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, औद्यौगिक, ऑयल ऐंड गैस, आईटी, संचार और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर एफएमसीजी, फार्मा, और फाइनेंस शेयर हरे निशान पर बंद हुए। इंडिया विक्स सूचकांक 2.54% गिर कर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले तीन पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ।

छोटे-मंझोले शेयरों में भी बिकावाली का दबाव देखने को मिला। बीएसई मिडकैप 1.04% और बीएसई स्मॉलकैप में 0.77% की कमजोरी दिखी। निफ्टी मिड 100 1.01% और निफ्टी स्मॉल 100 0.73% गिर कर बंद हुआ।

सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी में 3.55%, डॉ.रेड्डीज में 2.33%, आईसीआईसीआई बैंक में 1.94%, आईटीसी में 1.84%, भारती एयरटेल में 1.57% और सिप्ला में 1.26% की मजबूती देखने को मिल रही है। गिरने वाले शेयरों की बात करें तो एशियन पेंटे्स में 3.24%, हीरो मोटोकॉर्प में 3.12%, विप्रो में 2.06%, बजाज ऑटो में 1.93%, ल्युपिन में 1.56% और एसबीआई में 1.54% की गिरावट आयी। निफ्टी के 51 शेयरों में से 35 शेयर आज लाल निशान पर और 16 शेयर हरे निशान पर रहे। (शेयर मंथन, 27 अक्टूबर 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख