शेयर मंथन में खोजें

बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स (Sensex) 184 अंक चढ़ा

पांच दिन से जारी गिरावट को खत्म करते हुए सोमवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ।

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से बाजार को सहारा मिला। हालाँकि निवेशकों में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चिंता है जिसके कारण कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स (Sensex) आज 184.84 अंक या 0.68% की बढ़त के साथ 27,458.99 पर बंद हुआ। आज इसका उच्च स्तर 27,591.15 का रहा जबकि दिन का निचला स्तर 27,398.72 का रहा। एनएसई का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 63.30 अंक या 0.75% की मजबूती के साथ 8,497.05 पर बंद हुआ। सत्र के मध्य यह 8,535.85 तक चढ़ा जबकि नीचे की ओर यह 8,481.45 तक फिसला। एक रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त्त वर्ष के अप्रैल-सितंबर के दौरान भारत में एफडीआई 30% बढ़ी है। जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला। आज के कारोबार में मेटल फार्मा, बैंकिंग, फाइनेंशियल, एफएमसीजी, पावर और रियल्टी शेयर में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर संचार और कैपिटल गुड्स शेयरों में गिरावट रही। इंडिया विक्स सूंचकांक 2.01% गिर कर बंद हुआ।

छोटे-मंझोले शेयरों में भी आज खरीदारी दिखी। बीएसई मिडकैप 0.59% और बीएसई स्मॉलकैप 1.19% ऊपर बंद हुए। निफ्टी मिड 100 1.07% और निफ्टी स्मॉल 100 1.25% की मजबूती आयी।
सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में आज ल्युपिन में 6.93%, एसबीआई में 4.06%, आईसीआईसीआई बैंक में 3.36%, आईटीसी में 3.05%, टाटा स्टील में 2.10% और हीरो मोटोकॉर्प में 2.05% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों की बात करें तो टीसीएस में 2.18%, एलटी में 1.34%, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.09%, टाटा मोटर्स में 0.94%, ओएनजीसी में 0.85% और भारती एयरटेल में 0.49% की गिरावट है। निफ्टी के 51 शेयरों की बात करें तो 35 शेयर हरे और 16 शेयर लाल निशान पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 07 नवंबर 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख