आईटी सेक्टर फिलहाल दबाव में बना हुआ है और हालिया कारोबारी सत्रों में इसमें लगातार कमजोरी देखने को मिली है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कारोबार को लेकर स्पष्टता की कमी और कंपनियों की सतर्क कमेंट्री ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, आईटी इंडेक्स फिलहाल ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद अभी और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
शोमेश कुमार का कहना है कि 24,000 से 24,500 के बीच का स्तर आईटी इंडेक्स के लिए मजबूत वैल्यूएशन सपोर्ट साबित हो सकता है। इस दायरे में अच्छी कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों की खरीदारी लौट सकती है। हालांकि यदि आगामी तिमाही नतीजों में कंपनियों की कमेंट्री उम्मीद से ज्यादा कमजोर रहती है और यह स्तर भी टूट जाता है, तो सेक्टर में लंबी अवधि की कमजोरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से अच्छी गुणवत्ता वाली आईटी कंपनियों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
(शेयर मंथन, 03 जुलाई 2026)
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बाजार में इस साल की शुरुआत में यह धारणा दिख रही थी कि 2025 खराब गया है, पर 2026 उससे बेहतर होगा। आधा साल बीतने के बाद यह तो स्पष्ट है कि भूराजनीति और ट्रंप ने तब बाजार को जितना डरा रखा था, उनका वास्तविक असर उससे काफी बुरा रहा।
पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है।