शक्ति पंप्स के शेयर में लंबे समय से चली आ रही कमजोरी के बाद अब कुछ ऐसे तकनीकी संकेत सामने आ रहे हैं, जो निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि स्टॉक में दिख रहा पैटर्न पूरी तरह डिसेंडिंग चैनल नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट ट्रेंड लाइन ब्रेकआउट का संकेत देता है। यही वजह है कि मौजूदा स्तरों पर शेयर की चाल पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक दिखाई दे रही है।
कैपिटल गुड्स सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में दबाव में रहा है और अब यह नया बिजनेस साइकिल शुरू करने की स्थिति में पहुंच सकता है। यदि अगले कुछ वर्षों में इस सेक्टर में निवेश बढ़ता है, तो शक्ति पंप्स जैसी कंपनियों को नए ऑर्डर्स और बेहतर ग्रोथ का लाभ मिल सकता है। खासकर पंप इंडस्ट्री में रिवाइवल के संकेत मिलने पर कंपनी की आय और मुनाफे में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।
तकनीकी विश्लेषण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि स्टॉक ने मार्च 2026 के दौरान लगभग 450 रुपये के आसपास मजबूत बॉटम बनाया। इसके अलावा 2024 के वीकली चार्ट पर मौजूद पुराना गैप भी पूरी तरह भर गया, जिसके बाद शेयर ने उसी क्षेत्र से उछाल दिखाया। ऐसे गैप फिलिंग और सपोर्ट अक्सर बड़े करेक्शन के समाप्त होने का संकेत माने जाते हैं।
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर भी शेयर का अध्ययन किया गया। हालांकि स्टॉक ने 62% से अधिक की गिरावट दिखाई थी, लेकिन उसके बाद बने सपोर्ट और प्राइस एक्शन से यह संकेत मिल रहा है कि डाउनसाइड अब सीमित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में कंपनी के नतीजे उम्मीद के अनुरूप रहते हैं, तो शेयर धीरे-धीरे नई तेजी की दिशा पकड़ सकता है।
फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे अहम स्तर 500 रुपये माना जा रहा है। जब तक शेयर इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक सकारात्मक दृष्टिकोण कायम रह सकता है। वहीं यदि यह स्तर टूटता है, तो तेजी की संभावना कमजोर पड़ सकती है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय तकनीकी स्तरों और कंपनी के प्रदर्शन दोनों पर नजर रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
(शेयर मंथन, 10 जुलाई 2026)
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