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क्या रिजल्ट के बाद क्या बन रहा है इंफोसिस शेयर में निवेश का मौका?

आईटी सेक्टर के तिमाही नतीजों का सीजन अब आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है और ऐसे में निवेशकों की नजर फिर से इंफोसिस पर टिक गई है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि इंफोसिस में फिलहाल सतर्क आशावाद का माहौल है। हालांकि निवेशक का समय-फ्रेम स्पष्ट नहीं था, लेकिन मौजूदा तकनीकी संकेतों के आधार पर शेयर में कुछ सकारात्मकता बनती दिख रही है। Nifty IT इंडेक्स में बॉटम फॉर्मेशन के संकेत मिल रहे हैं और यह 32,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो इंफोसिस को भी प्राइस सपोर्ट मिलने की संभावना है। Infosys का हालिया उच्च स्तर लगभग ₹1,515 के आसपास बताया गया, जबकि 1,275 रुपये का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। मौजूदा स्तरों से वहां तक करीब 15% से अधिक की संभावित तेजी देखी जा सकती है।

हालांकि तकनीकी दृष्टि से एक अहम चुनौती अभी भी बनी हुई है। जनवरी से अब तक इंफोसिस का शेयर 50 डे मूविंग एवरेज के ऊपर टिक नहीं पाया है। एक बार इस स्तर को पार करने की कोशिश हुई, लेकिन वह फॉल्स ब्रेकआउट साबित हुई। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि केवल 50 डे मूविंग एवरेज के ऊपर जाने से भरोसा नहीं बनता, बल्कि शेयर को उसके ऊपर टिककर बंद होना भी जरूरी है।

इस संदर्भ में 1,315 रुपये का स्तर विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि इंफोसिस इस स्तर के ऊपर एक मजबूत क्लोज देता है, तो तकनीकी तस्वीर काफी हद तक सकारात्मक हो सकती है। तब यह माना जा सकता है कि शेयर ने अपनी कमजोरी से बाहर निकलने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।

इंफोसिस में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय 1,315 रुपये के ऊपर टिकाऊ मजबूती का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है। आईटी इंडेक्स में संभावित रिकवरी और Infosys की तकनीकी स्थिति दोनों पर नजर रखना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।


(शेयर मंथन, 23 जुलाई 2026)

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