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क्या ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्युशन बन सकती है भारत की नई AI और डेटा सेंटर कंपनी?

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का कारोबार तेजी से चर्चा में है और इसी बीच ESDS Software Solutions का IPO निवेशकों के फोकस में आया है।

कंपनी के CMD पीयूष सोमानी के मुताबिक, ESDS करीब दो दशक से टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी की शुरुआत करीब 22-23 साल पहले हुई थी और समय के साथ इसका कारोबार डेटा सेंटर से आगे बढ़कर क्लाउड, सॉफ्टवेयर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंचा है। कंपनी का IPO 28 अगस्त को खुलने की जानकारी दी गई है, जबकि इंटरव्यू में ₹408 से ₹429 का प्राइस बैंड और करीब ₹5,000 करोड़ की लिस्टेड वैल्यूएशन का उल्लेख किया गया।

ESDS की कहानी केवल डेटा सेंटर बनाने तक सीमित नहीं है। कंपनी ने शुरुआत में विदेशी ग्राहकों के लिए डेटा सेंटर और वेब होस्टिंग से जुड़े बैक ऑफिस कार्य किए। इसी दौरान कंपनी के फाउंडर को विदेशों में डेटा सेंटर के कामकाज को करीब से देखने का मौका मिला और उन्होंने भारत में अपना डेटा सेंटर बनाने का फैसला किया। 2010 में कंपनी का पहला डेटा सेंटर शुरू हुआ। इसके बाद क्लाउड सेवाओं को कारोबार का हिस्सा बनाया गया और बैंकिंग, सरकार तथा एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए अलग-अलग कम्युनिटी क्लाउड तैयार किए गए। धीरे-धीरे कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस, सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस, मैनेज्ड सर्विस और प्लेटफॉर्म-एज-अ-सर्विस जैसी सेवाओं को अपने इकोसिस्टम में जोड़ा।

कंपनी का दावा है कि वह केवल एक पारंपरिक डेटा सेंटर कंपनी नहीं है। उसके बिजनेस मॉडल में डेटा सेंटर के साथ क्लाउड और ग्राहक के लिए टेलर्ड टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, डेटा सेंटर में केवल पावर और कूलिंग उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके अंदर लगे CPU, GPU और स्टोरेज तथा उन पर चलने वाली सेवाओं से असली वैल्यू पैदा होती है। इसी रणनीति के तहत ESDS का अपना Swaraj Cloud प्लेटफॉर्म है, जिसमें इंटरव्यू के अनुसार 54 सेवाएं हैं। इनमें एप्लीकेशन परफॉर्मेंस, डेटाबेस, AI ऑब्जरवेबिलिटी, क्लस्टर मैनेजमेंट और ऑटो स्केलिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।

AI के बढ़ते इस्तेमाल को कंपनी अपने लिए बड़ा अवसर मान रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और बिजनेस ऑटोमेशन की गति को बदल दिया है। कंपनी के अनुसार, पहले जिस सॉफ्टवेयर को तैयार करने में वर्षों लग जाते थे, AI की मदद से अब उसे काफी कम समय में तैयार किया जा सकता है। इसी वजह से कंपनियों की कंप्यूटिंग, क्लाउड और GPU की जरूरत बढ़ रही है। ESDS इसी बढ़ती जरूरत को डेटा सेंटर, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए पूरा करने की कोशिश कर रही है।

कंपनी के लिए आगे का सबसे बड़ा अवसर AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार दिखाई देता है। मैनेजमेंट ने बताया कि कंपनी के पास भारत में पांच डेटा सेंटर हैं और विदेशों में भी विस्तार किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में 8,200 GPU के बड़े क्लस्टर की योजना बताई गई है। कंपनी का उद्देश्य डेटा सेंटर, GPU, क्लाउड और AI सेवाओं को एक साथ जोड़कर ग्राहकों को एंड-टू-एंड समाधान उपलब्ध कराना है। ऐसे में ESDS का IPO भारत में तेजी से बढ़ते AI और डेटा सेंटर थीम में निवेशकों के लिए एक नया लिस्टेड विकल्प पेश कर सकता है, हालांकि वास्तविक निवेश निर्णय से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र विश्लेषण जरूरी होगा।


(शेयर मंथन, 28 अगस्त 2026)

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