शेयर मंथन में खोजें

गुरुवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcएयूएम कैपिटल (AUM Capital) के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने गुरुवार (04 जुलाई) के एकदिनी कारोबार के लिए यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Breweries), टोरेंट पावर (Torrent Power), सेंचुरी टेक्सटाइल्स (Century Textiles), रेल विकास निगम (Rail Vikas Nigam) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

राजेश अग्रवाल ने यूनाइटेड स्पिरिट्स (1386.60) को 1,415.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 1364.00 रुपये रखने के लिए कहा है। टोरेंट पावर (308.45) के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसे 323.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 298.00 रुपये होगा। सेंचुरी टेक्सटाइल्स (988.50) को 1,015 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने के लिए कहा गया है और इसमें घाटा काटने का स्तर 974.00 रुपये का है।
राजेश अग्रवाल ने रेल विकास निगम (28.55) को 30.00 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ खरीदने के लिए कहा है, जबकि इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 27.50 रुपये का है। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा (125.45) को 131.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इसमें घाटा काटने का स्तर 121.00 रुपये पर रखने की सलाह दी है।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है। 

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 04 जुलाई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख