शेयर मंथन में खोजें

मंगलवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwal cd equisearcएयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार (20 जुलाई) के एकदिनी कारोबार के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Steel Authority of India), एसीसी (ACC), जुबिलेंट इंडस्ट्रीज (Jubilant Industries), श्याम मेटेलिक्स ऐंड एनर्जी (Shyam Metalics & Energy) और शिल्पा मेडिकेयर (Shilpa Medicare) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।

राजेश अग्रवाल ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (126.65) को 133 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इस सौदे में घाटा काटने का स्तर (स्टॉप लॉस) 122 रुपये पर रखने के लिए कहा है। एसीसी (2,151.90) के लिए उन्होंने सलाह दी है कि इसे 2,200 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदें। इस खरीदारी सौदे में घाटा काटने का स्तर 2,105 रुपये होगा। जुबिलेंट इंडस्ट्रीज (363.30) को 390 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने के लिए कहा गया है और इसमें घाटा काटने का स्तर 344 रुपये का है।

राजेश अग्रवाल ने श्याम मेटेलिक्स ऐंड एनर्जी (430) को 460 रुपये के लक्ष्य भाव के साथ खरीदने के लिए कहा है, जबकि इस सौदे में घाटा काटने का स्तर 410 रुपये का है। शिल्पा मेडिकेयर (628.30) का शेयर 660 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है और इसमें घाटा काटने का स्तर 600 रुपये पर रखने के लिए कहा है।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है। 

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में विश्लेषक या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 20 जुलाई 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख