शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी, एमऐंडएम फाइनेंशियल सर्विसेज, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज और करुर वैश्य बैंक खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

ब्रोकिंग कंपनी आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने गुरुवार (18 मई) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में निफ्टी (Nifty), महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (Mahindra & Mahindra Financial Services Ltd), इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (Indian Energy Exchange Ltd) और करुर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank Ltd) का स्टॉक खरीदने की सलाह दी है। आज करूर वैश्य बैंक के स्टॉक में बुधवार (17 मई) के भाव पर 14 दिन के नजरिये से पोजीशन लेने का सुझाव दिया गया है। 

ब्रोकिंग कंपनी ने आज निफ्टी को 18200-18232 रुपये के दायरे में खरीदने का सुझाव दिया है। इसके लिए 18267/18309 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 18163 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

ब्रोकिंग कंपनी ने महिंद्रा ऐंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर 284.50-285.50 रुपये के दायरे में 289.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है। इसके लिए 281.70 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए। 

इसके अलावा इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के शेयर 159.00-159.50 रुपये के दायरे में 162.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने का परामर्श दिया है। इसके लिए 157.50 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए। 

करुर वैश्य बैंक के स्टॉक में बुधवार के भाव पर 14 दिन के नजरिये से पोजीशन लेने का सुझाव दिया गया है। इसे 102-105 रुपये के दायरे में खरीद सकते हैं और 114.00 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 99.50 रुपये पर स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। 

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 18 मई 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख