शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी और मारुति सुजुकी इंडिया बेचें, डिविस लैबोरेट्रीज और बैंक ऑफ इंडिया खरीदें : आईसीआईसीआई डायरेक्ट

ब्रोकिंग कंपनी आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने बुधवार (16 अगस्त) के एकदिनी कारोबार (intraday trade) के लिए अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में निफ्टी (Nifty) और मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India Ltd) को बेचने, जबकि डिविस लैबोरेट्रीज (Divi's Laboratories Ltd) और बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India Ltd) को खरीदने की सलाह दी है। बैंक ऑफ इंडिया के स्टॉक में सोमवार (14 अगस्त) के भाव पर 14 दिन के नजरिये से पोजीशन लेने का सुझाव दिया गया है।

ब्रोकिंग कंपनी ने आज निफ्टी को 19462-19496 रुपये के दायरे में बेचने का सुझाव दिया है। इसके लिए 19429/19378 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 19530 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

आज डिविस लैबोरेट्रीज का स्टॉक 3718-3722 रुपये के दायरे में 3762.00 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी गयी है। इसमें 3694.40 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।  

ब्रोकिंग कंपनी ने मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर 9320-9325 रुपये के दायरे में 9252.00 रुपये के लक्ष्य के साथ बेचने का परामर्श दिया है। इसमें 9366.40 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना चाहिए।

बैंक ऑफ इंडिया का स्टॉक 88-89.50 रुपये के दायरे में 14 दिन के नजरिये खरीदने की सिफारिश की गयी है।  इसके लिए 97 रुपये का लक्ष्य रखते हुए 85 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाना सही रहेगा।

ध्यान रखें कि यह सलाह एकदिनी कारोबार के लिए है।

स्पष्टीकरण : इन शेयरों में ब्रोकिंग फर्म या उनके ग्राहकों के हित जुड़े हो सकते हैं।

(शेयर मंथन, 16 अगस्त 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख