शेयर मंथन में खोजें

विशेषज्ञ से जानें फ्रेटेली वाइनयार्ड्स शेयरों का विश्लेषण, निवेशकों को स्टॉक के साथ क्या करना चाहिए?

संकल्प पाटिल जानना चाहते हैं कि उन्हें फ्रेटेली वाइनयार्ड्स के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने लगभग 10 लाख रुपये 135 रुपये के भाव पर निवेश किए हैं और उनका विजन तीन साल का है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

 बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अगर पूरे वाइन सेक्टर को देखें तो इसमें फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति सुला वाइनयार्ड्स की है। यह क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर सेक्टर लीडर है। फ्रेटेली जैसे अन्य खिलाड़ी अभी “टेल-एंडर्स” यानी छोटे खिलाड़ियों की तरह हैं। वाइन उद्योग मुख्य रूप से महाराष्ट्र में केंद्रित है और राज्य सरकार इस समय वाइन टूरिज्म को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रही है। इस लिहाज से दीर्घकाल में वाइन टूरिज्म की मदद से कुछ कंपनियों को लाभ मिल सकता है।  लेकिन समस्या यह है कि वाइन कंपनियों की लाभप्रदता बहुत सीमित होती है। शराब (लिकर) कंपनियां भी बहुत बड़ा मुनाफा नहीं कमा पातीं, और वाइन कंपनियां तो उससे भी छोटे स्तर पर हैं। फ्रेटेली वाइनयार्ड्स का बाज़ार पूंजीकरण भी काफ़ी छोटा है, जिससे इसमें तरलता (liquidity) का जोखिम बना रहता है। इस कारण यह निवेश उच्च जोखिम वाला माना जा सकता है। जूदा वैल्यूएशन स्तर पर फ्रेटेली वाइनयार्ड्स में निवेश को अत्यधिक जोखिमपूर्ण माना जा सकता है। तीन साल के विजन के साथ निवेशक को उम्मीदें तो रखनी चाहिए, लेकिन चमत्कारिक रिटर्न की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है।


(शेयर मंथन, 30 सितंबर 2025)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

  • युद्ध, तेल संकट और महँगाई : सरकार क्यों दिखा रही बचत की राह - निवेश मंथन (अप्रैल 2026)

    प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता की अपील ने देश में खतरे की घंटी बजा दी है। सरकार हाल तक “सब ठीक है” का भरोसा दिला रही थी, पर अब प्रधानमंत्री ने पूरे देश को एकजुट होकर संकट का सामना करने का संदेश दे दिया है। 

देश मंथन के आलेख