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क्या इंफोसिस के शेयर में अभी भी बना हुआ है बड़ा खतरा?

आईटी सेक्टर और खासतौर पर इंफोसिस को लेकर बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है और निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। चर्चा के दौरान यह बताया गया कि स्टॉक का लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी कमजोर संकेत दे रहा है। चार्ट पर 2023 के आसपास बने पुराने बॉटम को महत्वपूर्ण सपोर्ट माना गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि शेयर में अभी भी नीचे की तरफ जोखिम बना हुआ है। हालांकि यह भी माना गया कि लंबे समय का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए रिस्क-रिवार्ड अनुपात आकर्षक दिखाई दे सकता है, क्योंकि शेयर अपने ऊपरी स्तरों से काफी नीचे आ चुका है।

विश्लेषकों के अनुसार अगर कोई निवेशक 5 से 7 साल का समय लेकर चल सकता है और अस्थिरता झेलने की क्षमता रखता है, तो इतने बड़े और प्रतिष्ठित आईटी नाम में निवेश का विचार पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता। लेकिन मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी चिंता कंपनी की ग्रोथ को लेकर है। उनका कहना है कि केवल मौजूदा वैल्यूएशन देखकर फैसला लेना सही नहीं होगा, बल्कि कंपनी के तिमाही नतीजों और ग्रोथ ट्रेंड को समझना ज्यादा जरूरी है। हाल के क्वार्टर में कंपनी की ग्रोथ “फीबल” यानी कमजोर दिखाई दे रही है। डॉलर रेवेन्यू में ठहराव या मामूली गिरावट देखी गई है और मुनाफे की वृद्धि में भी अधिग्रहणों का योगदान ज्यादा माना जा रहा है।

इसी वजह से कंपनी के ईपीएस यानी प्रति शेयर आय पर भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं दिख रहा। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार अनिश्चितता के दौर में भविष्य के अनुमानित प्रॉफिट की बजाय ट्रेलिंग पीई यानी मौजूदा कमाई के आधार पर वैल्यूएशन करता है। उनका मानना है कि अगर ग्रोथ में सुधार नहीं दिखता है तो स्टॉक का वैल्यूएशन प्रीमियम और घट सकता है। इसी कारण उन्होंने कहा कि अभी यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि शेयर का सारा जोखिम खत्म हो चुका है।

तकनीकी स्तरों की बात करें तो 1375-1400 का क्षेत्र बेहद अहम माना गया है। यह वह स्तर है जिसे पार करने पर स्टॉक में मजबूती का संकेत मिल सकता है। विश्लेषकों के अनुसार जब तक शेयर इस “लोअर टॉप” के ऊपर नहीं निकलता, तब तक बड़े निवेश से बचना बेहतर रहेगा। दूसरी तरफ नीचे की ओर 1150 के आसपास मजबूत सपोर्ट माना गया है, जबकि 1080 के करीब एक और बड़ा तकनीकी सपोर्ट दिखाई देता है, जो लंबे समय के चार्ट पर 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आसपास बैठता है। उनका मानना है कि अगर स्टॉक इन स्तरों तक आता है, तभी लंबी अवधि के निवेश के लिए अधिक भरोसेमंद वैल्यूएशन बन सकता है।

चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि फिलहाल कंपनी की रणनीति निवेशकों को बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं कर रही। बाजार को ऐसा लग रहा है कि कंपनी का फोकस मुख्य रूप से बायबैक और डिविडेंड तक सीमित रह गया है, जबकि असली बिजनेस ग्रोथ में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही। यही वजह है कि आईटी सेक्टर को लेकर फिलहाल उत्साह कम है और निवेशकों को अगले कुछ क्वार्टर के नतीजों का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर निष्कर्ष यही निकला कि इंफोसिस जैसी मजबूत कंपनी में भी अभी धैर्य और सही स्तर का इंतजार जरूरी है।

 



(शेयर मंथन, 28 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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