एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें इंफोसिस (Infosys) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस हाल के नतीजों के बाद निवेशकों की चिंता का बड़ा कारण बन गई है। कंपनी प्रबंधन की ओर से यह संकेत मिला कि एआई आधारित प्लेटफॉर्म्स और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक आईटी सेवाओं के बिजनेस पर दबाव बन सकता है। खास तौर पर एंथ्रोपिक जैसे एआई मॉडल्स और ऑटोमेशन टूल्स के कारण काम कम होने की आशंका को बाजार ने गंभीरता से लिया। यही वजह रही कि नतीजों के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली और यह करीब 7% टूट गया। तकनीकी नजरिए से देखें तो इंफोसिस पहले ही अपने लंबे समय के अपट्रेंड से कमजोर होता दिख रहा था। 2020 के कोरोना लो से लेकर 2000 रुपये के आसपास बने टॉप तक का रिट्रेसमेंट देखें तो शेयर 50% करेक्शन तक आ चुका है। अब अगला महत्वपूर्ण स्तर 1075-1080 रुपये के आसपास माना जा रहा है, जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट के करीब बैठता है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक शेयर में स्पष्ट अपट्रेंड वापस नहीं आता, तब तक नीचे के हर स्तर की संभावना खुली रहती है।
केवल टेक्निकल चार्ट देखकर फैसला लेना इस समय पर्याप्त नहीं है। असली सवाल कंपनी की ग्रोथ का है। यदि डॉलर रेवेन्यू फ्लैट रहता है, ग्रोथ कमजोर पड़ती है और ईपीएस पर दबाव बढ़ता है, तो वैल्यूएशन और नीचे आ सकते हैं। यही वजह है कि कुछ निवेशक 1000 रुपये के आसपास वैल्यू उभरने की संभावना देख रहे हैं, जबकि अत्यधिक नकारात्मक परिस्थिति में 800-850 रुपये तक की संभावना को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा।
हालांकि लंबे समय के निवेशकों के लिए तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानी जा रही। यदि कोई निवेशक 5 से 10 साल का नजरिया रखता है और गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश यानी SIP जैसी रणनीति अपनाने की क्षमता रखता है, तो 1000 से 800 रुपये के बीच का क्षेत्र भविष्य में आकर्षक साबित हो सकता है। ऐसे स्तरों पर कंपनी का डिविडेंड यील्ड भी मजबूत सपोर्ट दे सकता है। लेकिन यह रणनीति केवल उन्हीं निवेशकों के लिए उपयुक्त मानी जा रही है जिनके पास धैर्य और लंबी अवधि का दृष्टिकोण हो।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही मानी जा रही है कि जल्दबाजी से बचा जाए। जब तक कंपनी की ग्रोथ में स्थिरता और चार्ट पर स्पष्ट अपट्रेंड का संकेत नहीं मिलता, तब तक हर गिरावट को “सस्ता मौका” मानना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में केवल कीमत नहीं, बल्कि बिजनेस की गुणवत्ता और भविष्य की कमाई सबसे ज्यादा मायने रखती है।
(शेयर मंथन, 29 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)