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आईटी और बैंकिंग सेक्टर की खींचतान के बीच बाजार में 'बाय ऑन डिप्स' की रणनीति

भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सबसे दिलचस्प स्थिति बैंकिंग और आईटी सेक्टर के बीच देखने को मिल रही है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि जब आईटी शेयरों में शॉर्ट कवरिंग आती है तो बैंकिंग शेयर कमजोर पड़ जाते हैं और जब बैंकिंग सेक्टर मजबूती दिखाता है तो आईटी पर दबाव बढ़ जाता है। यही वजह है कि निफ्टी सीमित दायरे में फंसा हुआ है और बाजार को एक साथ दोनों प्रमुख सेक्टरों का समर्थन नहीं मिल पा रहा। इसके बावजूद तकनीकी संकेत पूरी तरह कमजोर नहीं हैं और कई सेक्टरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अभी भी बरकरार है।

फिलहाल 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट बन चुका है। जब तक यह स्तर क्लोजिंग आधार पर नहीं टूटता, तब तक बाजार का रुख सकारात्मक माना जा सकता है। रिजल्ट सीजन के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। यदि कंपनियों के नतीजे और भविष्य का आउटलुक उम्मीद से बेहतर रहता है तो बाजार में नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है। वहीं कमजोर नतीजों की स्थिति में चुनिंदा शेयरों में दबाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे माहौल में गुणवत्ता वाले शेयरों में गिरावट आने पर चरणबद्ध निवेश की रणनीति अधिक उपयुक्त मानी जा रही है।


(शेयर मंथन, 07 जुलाई 2026)

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