शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी के लिए 23,750 बना सबसे अहम स्तर, क्या यहीं तय होगी बाजार की अगली दिशा?

भारतीय शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच तकनीकी विश्लेषकों की नजर अब निफ्टी के कुछ महत्वपूर्ण स्तरों पर टिकी हुई है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि 24,500 के आसपास बना हालिया स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। वहीं, बाजार में मौजूद गैप को लेकर भी चर्चा तेज है। हालांकि गैप फिल होना अपने आप में नकारात्मक संकेत नहीं माना जाता, लेकिन यदि गैप भरने के बाद निफ्टी 23,750 के नीचे क्लोजिंग देता है, तो यह मौजूदा तेजी के कमजोर पड़ने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में 23,000 तक रीटेस्ट की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल बाजार में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब तक चार्ट पर कोई बड़ा नकारात्मक संकेत नहीं बना है। जब तक निफ्टी 23,750 के ऊपर क्लोजिंग बनाए रखता है, तब तक बाजार को एक सीमित दायरे में माना जा सकता है। दूसरी ओर 24,525 का स्तर निकट भविष्य का प्रमुख रेजिस्टेंस है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तभी बाजार में नई तेजी का दौर शुरू होने की संभावना मजबूत होगी।

वैश्विक घटनाक्रमों और भू-राजनीतिक तनाव ने हाल के दिनों में बाजार में अस्थिरता जरूर बढ़ाई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी यह उतनी गंभीर स्थिति नहीं है कि लंबी अवधि के निवेशकों को अपनी रणनीति बदलनी पड़े। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए अगले कुछ ट्रेडिंग सेशनों के क्लोजिंग लेवल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यही स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


(शेयर मंथन, 10 जुलाई 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • अगले 6-12 महीनों में तेज वापसी की आशा - निवेश मंथन (जून 2026)

    बाजार में इस साल की शुरुआत में यह धारणा दिख रही थी कि 2025 खराब गया है, पर 2026 उससे बेहतर होगा। आधा साल बीतने के बाद यह तो स्पष्ट है कि भूराजनीति और ट्रंप ने तब बाजार को जितना डरा रखा था, उनका वास्तविक असर उससे काफी बुरा रहा। 

  • 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ फंड - निवेश मंथन (मई 2026)

    पिछले दो वित्त-वर्ष शेयर बाजार और उसके साथ ही इक्विटी केंद्रित म्यूचुअल फंडों के लिए भी आशा-निराशा के बीच झूलते रहने वाले साबित हुए हैं। इस उठापटक ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंडों के प्रतिफल (रिटर्न) को बुरी तरह चोट पहुँचायी है। इस लिहाज से 2025-26 के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले फंडों का चयन करना एक सहज अध्ययन नहीं है। 

देश मंथन के आलेख