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पेटीएम में करेक्शन के बीच क्या करें निवेशक? जानिए किन स्तरों पर रहेगी आगे की चाल

अगर आपने पेटीएम के शेयर 1,320 रुपये के आसपास खरीदे हैं और मौजूदा गिरावट को लेकर चिंतित हैं, तो तकनीकी विश्लेषण के अनुसार अभी घबराने की जरूरत नहीं है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि शेयर में हाल के महीनों में तेज उछाल देखने को मिला था, इसलिए उसके बाद करेक्शन आना स्वाभाविक था। फिलहाल यह गिरावट उसी करेक्शन का हिस्सा मानी जा रही है और अभी तक शेयर का दीर्घकालिक अपट्रेंड बरकरार है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेटीएम के लिए 1,225 रुपये का स्तर बेहद अहम है। यह स्तर तकनीकी रूप से मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। यदि शेयर इस स्तर के ऊपर बना रहता है और इसके नीचे क्लोजिंग नहीं देता, तो माना जाएगा कि मौजूदा करेक्शन समाप्त होने की ओर है और शेयर दोबारा तेजी की राह पकड़ सकता है। यानी फिलहाल गिरावट को केवल मोमेंटम करेक्शन माना जा रहा है, ट्रेंड में बदलाव नहीं।

हालांकि यदि पेटीएम 1,225 रुपये के नीचे बंद होता है, तो स्थिति थोड़ी बदल सकती है। ऐसे में मौजूदा तेजी का मोमेंटम कमजोर पड़ जाएगा और शेयर में कुछ समय तक और दबाव देखने को मिल सकता है। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि केवल इस स्तर के टूटने से लंबी अवधि का अपट्रेंड समाप्त नहीं माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि अल्पकालिक कमजोरी और दीर्घकालिक ट्रेंड को अलग-अलग समझना जरूरी है।

विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को सबसे पहले अपना निवेश अवधि (टाइम फ्रेम) स्पष्ट करनी चाहिए। यदि निवेश लंबी अवधि के लिए किया गया है, तो केवल छोटी अवधि की गिरावट के आधार पर जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। वहीं यदि निवेश ट्रेडिंग के उद्देश्य से किया गया है, तो प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।

तकनीकी संकेत बताते हैं कि पेटीएम का दीर्घकालिक ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। फिलहाल निवेशकों की नजर 1,225 रुपये के महत्वपूर्ण सपोर्ट पर रहनी चाहिए। जब तक यह स्तर कायम रहता है, तब तक शेयर में दोबारा तेजी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि इस स्तर के नीचे कमजोरी बढ़ने पर आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार करना उचित रहेगा।


(शेयर मंथन, 29 जुलाई 2026)

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