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क्या हेल्थकेयर सेक्टर में लंबी अवधि के निवेश का बड़ा मौका बन रहा है?

भारत में हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर तेजी से एक बड़े स्ट्रक्चरल ग्रोथ थीम के रूप में उभर रहा है।

इसी संभावनाओं को देखते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने अपने एचडीएफसी फार्मा और हेल्थकेयर फंड को प्रमुखता से पेश किया है। एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुताबिक, इस फंड ने शुरुआत से अब तक 30.19% का CAGR और एक साल की अवधि में 19.01% रिटर्न दिया है। ये आंकड़े 31 जुलाई 2026 तक के हैं। फंड की शुरुआत 4 अक्टूबर 2023 को हुई थी और इसका उद्देश्य फार्मा तथा हेल्थकेयर कंपनियों के इक्विटी एवं इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में मुख्य रूप से निवेश करके लंबी अवधि में पूंजी में बढ़ोतरी हासिल करना है।

HDFC Pharma and Healthcare Fund का निवेश सिर्फ फार्मा कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक है। इसमें फार्मास्यूटिकल्स के साथ अस्पताल, हेल्थकेयर सर्विस प्रोवाइडर्स, बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल इक्विपमेंट एवं सप्लाइज जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। भारत में बढ़ती घरेलू मांग, हेल्थकेयर पर बढ़ता खर्च, एक्सपोर्ट के बढ़ते अवसर और देश की ग्लोबल फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत स्थिति इस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण ग्रोथ ड्राइवर माने जा रहे हैं।

इसके अलावा कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर्स, स्पेशियलिटी ड्रग्स, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटल्स, डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी अवसर बढ़ रहे हैं। लंबी अवधि में बढ़ती उम्र की आबादी, लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और इंश्योरेंस कवरेज के विस्तार से हेल्थकेयर पर खर्च बढ़ने की संभावना है। HDFC AMC के MD और CEO नवनीत मुनोट के मुताबिक, फंड रिसर्च आधारित बॉटम-अप रणनीति अपनाता है और अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों में अवसर तलाशने की flexibility रखता है।

(शेयर मंथन, 08 सितंबर 2026)

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