इमामी को लेकर लंबे समय के निवेशक विजय कुमार ने सवाल पूछा है कि करीब 400 रुपये के खरीद भाव पर क्या शेयर को होल्ड करना सही रहेगा?
और क्या यह आने वाले समय में अपने पुराने ऑल टाइम हाई को पार कर नए हाई की तरफ बढ़ सकता है। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कंपनी के शेयर में कारोबार से जुड़ी जितनी नकारात्मक खबरें और कमजोर ग्रोथ की चिंता थी, उसका काफी हिस्सा मौजूदा कीमत में पहले ही शामिल हो चुका है। अब कंपनी के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि क्या वह बिक्री और मुनाफे में लगातार सुधार दिखा पाती है।
बाजार विश्लेषक के मुताबिक Emami में फिलहाल दो बातें महत्वपूर्ण नजर आ रही हैं। पहली, कंपनी की ग्रोथ में कुछ सुधार के संकेत दिखने लगे हैं और दूसरी, मार्जिन में भी सुधार शुरू हुआ है। अगर आने वाले समय में डिमांड साइकिल में सुधार आता है तो इसका फायदा Emami को मिल सकता है। हालिया तिमाही में भी कंपनी की बिक्री में कुछ सुधार दिखाई दिया है, लेकिन बाजार ने इस पर बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि कंपनी पहले भी एक-दो तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन दिखाने के बाद दोबारा करीब 800-900 करोड़ रुपये की तिमाही बिक्री के दायरे में लौटती रही है।
यही Emami के शेयर के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। एक्सपर्ट का कहना है कि कंपनी की तिमाही बिक्री लंबे समय से करीब 900 करोड़ रुपये के आसपास अटकी हुई दिखाई देती है। कुछ तिमाहियों में सुधार जरूर दिखता है, लेकिन उस सुधार को लगातार बनाए रखना कंपनी के लिए चुनौती रहा है। इसलिए सिर्फ एक अच्छी तिमाही के आधार पर यह मानना मुश्किल है कि कंपनी की ग्रोथ साइकिल पूरी तरह वापस आ गई है। बाजार को अब लगातार कई तिमाहियों तक बिक्री में सुधार के संकेत देखने होंगे।
वैल्यूएशन के लिहाज से भी फिलहाल Emami में बहुत बड़ी परेशानी नहीं दिख रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक शेयर करीब 23 गुना P/E के आसपास कारोबार कर रहा है, जो मौजूदा स्तर पर उन्हें सामान्य नजर आता है। यानी शेयर की कीमत में कंपनी से जुड़ी कई नकारात्मक बातें पहले ही शामिल हो चुकी हैं। अगर बिक्री और मुनाफे में धीरे-धीरे सुधार आता है तो मौजूदा वैल्यूएशन पर शेयर को सपोर्ट मिल सकता है।
हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी के लिए सिर्फ स्थिर बिक्री पर्याप्त नहीं होगी। एक्सपर्ट के मुताबिक जब तक कंपनी की बिक्री में कम से कम डबल डिजिट के करीब ग्रोथ नहीं आती, तब तक शेयर की कीमत भी एक दायरे में अटकी रह सकती है। अगर कंपनी 10% के आसपास या उससे बेहतर बिक्री ग्रोथ लगातार दिखाना शुरू करती है, तो यह बाजार के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत होगा। इसके साथ मार्जिन और मुनाफे में सुधार जारी रहना भी जरूरी होगा।
बाजार विश्लेषक ने Emami को पूरी तरह नकारात्मक नजर से देखने से भी इनकार किया। उनका कहना है कि कंपनी ने 2024 तक बाजार में डिमांड और अर्निंग्स ग्रोथ के दौरान अच्छी ग्रोथ दिखाई थी। इसलिए मौजूदा कमजोरी को पूरी तरह कंपनी की अपनी समस्या मानने के बजाय इसे व्यापक इंडस्ट्री स्लोडाउन का असर भी माना जा सकता है। अगर अब बाजार में डिमांड और अर्निंग्स साइकिल दोबारा सुधरती है तो Emami को भी उसका फायदा मिलना चाहिए।
इसलिए लंबे समय के निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यह होगी कि अगली कुछ तिमाहियों में कंपनी की बिक्री 900 करोड़ रुपये के आसपास से निकलकर लगातार ऊपर जाती है या नहीं। अगर कंपनी बिक्री, मार्जिन और मुनाफे में लगातार सुधार करती है तो 400 रुपये के आसपास खरीद भाव रखने वाले निवेशकों के लिए आगे की तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं, अगर ग्रोथ दोबारा रुक जाती है तो शेयर में लंबे समय तक ठहराव बना रह सकता है।
(शेयर मंथन, 10 सितंबर 2026)
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