बिजली बिक्री के लिए पीटीसी इंडिया का एसजेवीएन, एसएपीडीसी के साथ करार

पीटीसी इंडिया लिमिटेड और एसजेवीएन ने करार का ऐलान किया है। कंपनी ने यह करार अपने आगामी अरुण-3 और अरुण हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से पैदा होने वाली बिजली को बेचने के लिए किया है।

 एसजेवीएन (SJVN) ने अपने दो हाइडल पावर प्रोजेक्ट्स से उत्पन्न बिजली को बेचने के लिए करार किया है। पीटीसी ने एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (SAPDC) के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। यह एसजेवीएन की सब्सिडियरी है। अरुण-3 और अरुण हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से पैदा होने वाली बिजली की बिक्री के लिए लंबी अवधि के लिए करार किया है। यह बिक्री यूटिलिटिज और ग्राहकों को बेची जाएगी। एसएपीडीसी (SAPDC) दो हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स लगा रही है। इसमें अरुण-3 की क्षमता 900 मेगा वाट जबकि लोअर अरुण की क्षमता 669 मेगा वाट की है। कंपनी यह प्रोजेक्ट नेपाल में विकसित कर रही है। जहां तक अरुण-3 प्रोजेक्ट से व्यावसायिक उत्पादन का सवाल है तो यह 2023-2024 में तय किया गया है। वहीं लोअर अरुण हाइड्रो प्रोजेक्ट से बिजली का उत्पादन 2027-28 में शुरू होने की उम्मीद है। पीटीसी के मुताबिक कंपनी इस करार के तहत एसएपीडीसी को इस प्रोजेक्ट्स से पैदा होने वाली बिजली को बेचने में मदद करेगी। प्रोजेक्ट से पैदा हुई बिजली को भारत में स्टेट यूटिलिटिज, वितरण कंपनियां, भारी मात्रा में इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को लंबी अवधि के लिए बिजली बेचने में मदद करेगी। यह अवधि 15 से 25 साल तक का होगा। इसके अलावा कंपनी मध्यम और छोटी अवधि में बिना करार वाले ग्राहक के अलावा पावर एक्सचेंज पर भी बेचने में मदद करेगी। पीटीसी ने इसके अलावा एसजेवीएन के साथ भी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। इसके तहत एसजेवीएन के उत्तराखंड के 60 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से उत्पन्न बिजली को बेचने में मदद करेगी। पीटीसी इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजीब के मिश्रा ने कहा कि एसएपीडीसी के साथ इस समझौते पत्र से 2030 तक नेपाल से भारत को 3000 मेगा वाट बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। इससे देश में हाइड्रो पावर की उपलब्धता के साथ ऊर्जा बास्केट में हिस्सेदारी बढ़ेगी। साथ ही ग्रिड का संतुलन बनाने में भी मदद मिलेगी। वहीं पीक डिमांड के प्रबंधन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। आपको बता दें कि पीटीसी इंडिया भारत का नामी पावर ट्रेडिग सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी है।

(शेयर मंथन 04 अगस्त, 2022)

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