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विशेषज्ञ अजय बग्गा से जानें आईटी क्षेत्र का भविष्य तय करने वाले प्रमुख बदलाव?

दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने उद्योगों और कंपनियों के काम करने के तरीके को बदल दिया है। विशेषज्ञ अजय बग्गा से जानें आईटी क्षेत्रों में आगे क्या होने वाला है?

 विशेषज्ञ अजय बग्गा का कहना है कि दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने उद्योगों और कंपनियों के काम करने के तरीके को बदल दिया है। शुरुआत में इसका लाभ उन कंपनियों को मिला जो सेमीकंडक्टर चिप्स, मशीनें और डाटा सेंटर जैसी बुनियादी सुविधाएँ बनाती थीं। ठीक वैसे ही जैसे गोल्ड रश के समय फावड़े बनाने वाले लोग सबसे ज्यादा लाभ में रहे, वैसे ही एआई के युग में इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों ने ज्यादा फायदा उठाया है। फिलहाल भारतीय आईटी सेक्टर में भर्ती की गति धीमी हुई है। जहाँ दो-तीन साल पहले 2.5-3 लाख नई नौकरियाँ निकलती थीं, वहीं अब यह संख्या 50,000 तक सीमित हो गई है। यह गिरावट नौकरी बाजार और उपभोक्ता खर्च पर असर डाल सकती है, लेकिन उम्मीद है कि नई टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियाँ और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इस कमी को पूरा कर सकते हैं। वर्तमान में विश्वभर में लगभग 1,700 जीसीसी हैं और अगले कुछ वर्षों में यह संख्या 10,000 तक पहुँचने का अनुमान है।


(शेयर मंथन, 19 सितंबर 2025)

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