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एक्सपर्ट से जानें मध्यम वर्ग निवेशक सोना या चाँदी किसमें निवेश करें?

हाल के समय में सोना और चाँदी दोनों ही जबरदस्त उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं। ऐसे में निवेशक जानना चाहते है कि मध्यम वर्ग के लिए कौन बेहतर है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि आमतौर पर निवेश की बात आते ही पहले सोने का नाम लिया जाता है, लेकिन मौजूदा बाजार चाल में सोने से ज्यादा चमक चांदी में दिखाई दे रही है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि जहां वोलैटिलिटी है, वहीं रिस्क भी है। हम अक्सर गोल्ड और सिल्वर को सुरक्षित निवेश मान लेते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ये भी 100% रिस्क-फ्री नहीं हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि भौतिक रूप में रखा गया सोना या चांदी आपके पास दिखाई देता है, जब तक चोरी या नुकसान न हो जाए। वहीं इक्विटी में डर यह रहता है कि अगर कंपनी ही बंद हो गई तो क्या होगा। लेकिन निवेश के नजरिये से देखें तो गोल्ड हो या इक्विटी, कोई भी एसेट क्लास पूरी तरह रिस्क-फ्री नहीं है। 

सोने को आमतौर पर एक “सॉवरेन” या वैकल्पिक रिज़र्व एसेट माना जाता है, यानी संकट के समय इसका महत्व बढ़ता है। चाँदी को कई लोग “नया गोल्ड” कहने लगे हैं, क्योंकि इसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट, दोनों तरह से बढ़ा है। इसके बावजूद, अगर सेफ्टी की बात करें तो मौजूदा ऊंचे स्तरों पर दोनों में जोखिम साफ दिखाई देता है। खासकर तब, जब कीमतें बहुत तेजी से ऊपर गई हों और उनमें FOMO (Fear of Missing Out) जैसा माहौल बन गया हो। 

मौजूदा हालात में यह समझना जरूरी है कि सोना और चाँदी दोनों ने अभी तक अपना पूरा साइकिल शायद खत्म नहीं किया है, लेकिन शॉर्ट स्पैन में जो तेज़ उछाल आया है, उसके बाद करेक्शन आना स्वाभाविक है। चांदी ने बहुत कम समय में 50-60% तक का रन दिखाया है। दो–तीन महीने में इतनी बड़ी चाल के बाद वोलैटिलिटी आना तय है। इसका मतलब यह नहीं कि बुल रन खत्म हो गया है, लेकिन रिस्क लेवल जरूर काफी ऊंचा हो गया है। कई निवेशक यह सोचकर पीछे रह जाते हैं कि “अब तो भाव बहुत ऊपर चला गया, अब रिस्क ज्यादा है।” लेकिन अगर पहले से पता होता कि चांदी 1.5 लाख से 2.5 लाख तक जाएगी, तो शायद हर कोई सारा पैसा उसी में लगा देता। बाजार की यही सच्चाई है, अनप्रिडिक्टेबल मूवमेंट में सतर्क लोग अक्सर मौके से चूक जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बिना तैयारी के कूद जाना समझदारी है। 


(शेयर मंथन, 05 जनवरी 2026)

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