शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

बजट 2026 में क्या सरकार लॉन्ग टर्म निवेशकों को देगी तोहफा?

बजट को लेकर निवेशकों की उम्मीदें इस बार खास तौर पर शेयर बाजार से जुड़ी हुई हैं। क्या सरकार लॉन्ग टर्म निवेशकों को देगी तोहफा?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि बीते कुछ सालों में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) को पहले शून्य से 10 फीसदी और फिर 12.5 फीसदी तक बढ़ाया गया है, जिसने विदेशी निवेशकों (FII) के रिटर्न को बुरी तरह प्रभावित किया है। रुपये के अवमूल्यन और कॉरपोरेट अर्निंग्स की सीमित ग्रोथ के साथ जब टैक्स का बोझ भी बढ़ता है, तो भारत में इक्विटी निवेश का आकर्षण कम होता है। यही वजह है कि बाजार में यह सवाल बार-बार उठता है कि क्या सरकार लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को प्रमोट कर रही है या उसे पीनलाइज कर रही है। 

इंडस्ट्री की प्रमुख मांग यही है कि वेल्थ क्रिएशन और लॉन्ग टर्म निवेश को इंसेंटिवाइज किया जाना चाहिए, न कि दंडित। आदर्श स्थिति में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स शून्य होना चाहिए। अगर टैक्स पूरी तरह हटाना संभव न हो, तो होल्डिंग पीरियड बढ़ाकर तीन साल कर देना भी एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। ज्यादातर लॉन्ग टर्म निवेशक वैसे भी तीन साल या उससे ज्यादा समय तक शेयर होल्ड करते हैं, ऐसे में इस तरह का बदलाव निवेशकों को हतोत्साहित करने के बजाय प्रोत्साहित करेगा। कोविड के बाद के दौर में जब विदेशी निवेशकों को अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल पा रहा है, तब इक्विटी बाजार सबसे ज्यादा दबाव में नजर आता है। ऐसे में अगर एफआईआई को टैक्स के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिलती है, तो उसका सकारात्मक असर घरेलू निवेशकों तक भी पहुंचेगा।


(शेयर मंथन, 31 जनवरी 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

 

 

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख