Aditya Birla Capital Ltd Share Latest News : कंसोलिडेशन और करेक्शन के दौर में जायेगा स्टॉक
लालजी यादव : आदित्य बिड़ला कैपिटल का शेयर खरीदें या नहीं? कृपया बतायें।
लालजी यादव : आदित्य बिड़ला कैपिटल का शेयर खरीदें या नहीं? कृपया बतायें।
अरविंद बंसल : कृपया बतायें कि अदाणी पोर्ट आगे कैसा रहेगा?
इजरायल-हमास संघर्ष से बाजार पूरी तरह से अप्रभावित दिख रहे हैं। हमास के हमले के बाद बाजार थोड़े नरम हुये थे, लेकिन अगले दिन से फिर रफ्तार पकड़ ली थी। इस लिहाज से बाजार में गति नजर आ रही है और कारोबार में तेजी के साथ मजबूती भी है।
मीना निकम : मेरे पास इंजीनियर्स इंडिया के 50 शेयर 139.30 रुपये के भाव पर हैं। इस में क्या करें?
नीलकंठ रेउरे : मैंने आईडियाफोर्ज 850 रुपये के भाव पर दो साल के लिये खरीदा है? आपने अल्बर्ट डेविड पर जो सलाह दी थी, वो काम कर गयी।
राकेश कुमार : फिनोटेक्स केमिकल पर आपका नजरिया कैसा है? इसे मौजूदा बाजार भाव पर छोटी अवधि के लक्ष्य के हिसाब से स्टॉप लॉस लगाकर ले सकते हैं?
इस्रायल की सेना अब गाजा पट्टी के अंदर घुसने लगी है और इसके चलते बढ़े हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच कच्चे तेल और सोने के अंतरराष्ट्रीय भावों में जबरदस्त उछाल आ गयी है।
चरणजीत बवेजा : मैंने जय कॉर्प 132 शेयर 230 रुपये के भाव पर खरीदे हैं। इसे कब तक रखें और किस भाव पर बेचकर मुनाफा लें?
कुणाल गांधी : क्या जीपी पेट्रोलियम का शेयर खरीदना चाहिये?
अक्षय कुमार सामंत्रा : मेरे पास केपीआर मिल के 30 शेयर 745 रुपये के भाव पर हैं। मैं इसे एक साल तक होल्ड कर सकता हूँ। मुझे इसमें क्या करना चाहिए, इसे होल्ड करें, बेच दें या और जोड़ें?
कमल, सूरत : वन प्वाइंट वन सोल्यूशंस का शेयर खरीदने लायक है या नहीं? कृपया बतायें।
बालकराम चंद्रवंशी, सिवनी : मैंने यूनियन बैंक के 3000 शेयर 108 रुपये के भाव पर लिये हैं। इसमें क्या करना चाहिए?
तिमाही नतीजों का मौसम शुरू हो चुका है और निफ्टी एक बार फिर 20,000 की ओर जाने का प्रयास कर रहा है।
28 साल पुराने निप्पॉन इंडिया ग्रोथ फंड ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी रखा है। इसकी स्थापना के समय से, यानी बीते 28 वर्षों का औसत वार्षिक प्रतिफल (रिटर्न) 22.2% का है, जबकि इसने 10 साल में 20%, 5 साल में 22.5%, 3 साल में 33.9% और 1 साल में 13.7% की दर से रिटर्न दिया है।
Expert Mayuresh Joshi : बाजार को इस बात की चिंता हो सकती है कि अगर इजरायल-फलस्तीन के संघर्ष में और देश शामिल होते हैं तो इसका असर कच्चा तेल जैसे उत्पादों पर देखने को मिल सकता है। ऐसा होने पर कई देशों की अर्थव्यवस्थाएँ प्रभावित होंगी और इसका दूरगामी प्रभाव हो सकता है। इस समय हम अमेरिकी बाजारों में ऊँची बॉन्ड यील्ड, मुद्रास्फीति और ऊँची ब्याज दरों से जूझ रहे हैं।
Expert Mayuresh Joshi : ओपेक देशों ने जिस तरह से कच्चा तेल की आपूर्ति में कमी करने की तैयारी की है, उसे देखते हुए ब्रेंट क्रूड के भाव बढ़ने का खतरा हो सकता है। संघर्ष का दायरा बढ़ने या लंबे समय तक खिंचने की वजह से सोना लोगों के लिये निवेश की पसंद हो सकता है।